कुंदन कुमार/पटना। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने हाल ही में सोशल मीडिया के जरिए बीजेपी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने लोकसभा की कार्यवाही और उसके तुरंत बाद हुए विरोध प्रदर्शन की टाइमिंग पर सवाल उठाते हुए इसे ‘पूर्व नियोजित नाटक’ करार दिया है।
समय का खेल: मिनटों का हिसाब
तेजस्वी यादव ने पूरे घटनाक्रम का ब्यौरा देते हुए एक हैरान करने वाली टाइमलाइन पेश की। उन्होंने बताया कि शाम 7:35 बजे वोटिंग का नतीजा आता है और उसके ठीक 10 मिनट बाद, यानी 7:45 बजे लोकसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी जाती है। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि ठीक 8:00 बजे बीजेपी की महिला नेता कांग्रेस के खिलाफ प्लेकार्ड लेकर प्रदर्शन करने मैदान में उतर गईं।
प्लेकार्ड की छपाई या सियासी साजिश?
तेजस्वी ने तंज कसते हुए पूछा कि क्या बीजेपी के पास कोई ऐसी ‘जादुई मशीन’ है जो महज 15 मिनट के भीतर विरोध प्रदर्शन के लिए भारी मात्रा में प्लेकार्ड छाप कर तैयार कर देती है? उन्होंने सीधा सवाल दागते हुए कहा, इतनी जल्दी प्लेकार्ड छप भी गए और प्रदर्शनकारी तैयार भी हो गए, या फिर यह पूरी स्क्रिप्ट पहले से लिखी हुई थी?
विपक्ष का आरोप: संसद महज एक औपचारिकता
इस बयान के जरिए तेजस्वी यादव यह संदेश देना चाहते हैं कि सदन के भीतर होने वाली प्रक्रियाएं और नतीजे शायद सत्ता पक्ष को पहले से पता होते हैं। विपक्ष का आरोप है कि जनता के मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय, ध्यान भटकाने के लिए इवेंट मैनेजमेंट का सहारा लिया जा रहा है। क्या यह लोकतंत्र है या फिर पूरी तरह से ‘डिजाइन’ की गई राजनीति? यह सवाल अब सियासी गलियारों में गूंज रहा है।
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