शिखिल ब्यौहार, भोपाल। मध्य प्रदेश में अस्थाई एवं आउटसोर्स कर्मचारी मोर्चा की प्रांतीय बैठक हुई। जिसमें 20 जुलाई को राजधानी भोपाल में “न्याय दिलाओ सभा” करने की रणनीत बनाई गई है। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ समेत कई कांग्रेस नेता भी शामिल होंगे। इसे पहले 14 जुलाई को जिला स्तर पर ज्ञापन सौंपे जाएंगे। आइए जानते है क्या है इनकी मांगें…

14 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन

प्रदेश के सभी जिलों में आउट सोर्स कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन 26,000 प्रतिमाह की प्रमुख मांग है। नौकरी की सुरक्षा, ग्राम पंचायतों के चौकीदार, पंप आपरेटरों, स्कूलों छात्रावासों के अंशकालीन कर्मियों, बैंकों आउटसोर्स कर्मियों, स्वास्थ्य विभाग में लंबित एरियर एवं वेतन भुगतान सहित समस्त अस्थाई आउटसोर्स कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर आंदोलन होगा।

“न्याय दिलाओ सभा” इन मुद्दों पर होगी चर्चा

न्याय दिलाओ सभा में कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों, रोजगार में सुरक्षा, समस्त विभागों में कार्यरत अस्थाई कर्मियों को न्यूनतम वेतन दिलाने एवं सरकारी विभागों में नौकरी के लिए स्थायी नीति बनाने सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

बैठक में कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार ने समस्त विभागों की चतुर्थ एवं तृतीय श्रेणी की नौकरियां खत्म कर अस्थाई, आउटसोर्स कर दी हैं। जिनमें 3 से 5 हजार में काम कराया जा रहा है, जबकि सरकार का न्यूनतम वेतन 12,500 से 17,000 तक है, लेकिन यह किसी भी विभाग में नहीं मिलता। मप्र में अधिकतम वेतन 10-12 हजार तक सीमित हो चुका है, जो बढता महंगाई में गुजारे लायक नहीं है। इसलिए सरकार को न्यूनतम वेतन बढाकर 26,000 करना काम करने वालों को जिंदा रखने के लिए जरूरी है।

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