राष्ट्रवादी कांग्रेस के प्रमुख नेताओं की अहम बैठक देवगिरी बंगले पर मुंबई में मंगलवार को हुई. यह बैठक इसलिए महत्वपूर्ण रहा क्योंकि इसमें खुद उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और सांसद पार्थ पवार की मौजूदगी थी. उपमुख्यमंत्री और पार्टी अध्यक्ष सुनेत्रा पवार की अध्यक्षता में बैठक में पार्टी के विधानसभा और विधान परिषद के विधायक उपस्थित थे. हालांकि, बैठक के दौरान प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे और वरिष्ठ नेता छगन भुजबल के बीच मनमुटाव उत्पन्न हो गयी है.

NCP की देवगिरी बैठक में वरिष्ठ नेता छगन भुजबल का बड़ा बयान और प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे की नाराजगी भी देखने को मिली.

मुंबई में देवगिरी बंगले पर आयोजित NCP की बैठक पार्टी अध्यक्ष सुनेत्रा पवार की अध्यक्षता में हुई. सांसद पार्थ पवार की मौजूदगी के साथ ही पार्टी के विधानसभा और विधान परिषद के विधायक उपस्थित थे. बैठक में पार्टी के अंदर की नाराजगी और आगे की रणनीति दोनों खुलकर सामने दिखी. बैठक के दौरान नेताओं के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली.

प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने बैठक में नाराजगी जाहिर की. तटकरे ने कहा कि उन पर लगातार आरोप लगाए जा रहे हैं, पर मुश्किल समय में उनके समर्थन में न कोई विधायक खुलकर सामने आया और न ही पार्टी नेतृत्व ने उनका साथ दिया. इसके बाद यहीं से माहौल तनावपूर्ण होना शुरू हो गया.

वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने सुनील तटकरे की इस टिप्पणी पर  आपत्ति दर्ज कराई. भुजबल ने कहा कि ऐसे मुद्दों को इस बैठक में उठाना उचित नहीं है. जिसके बाद छगन भुजबल और प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे के बीच अनबन हो गई है. जानकारी के अनुसार दोनों के बीच मतभेद खुलकर सामने आए. 

जानकारी के अनुसार सुनील तटकरे के संबोधन से पहले ही पार्थ पवार बैठक से बाहर निकल गए, जिससे चर्चाओं का बाजार और भी ज्यादा गरम हो गया.

पार्टी अध्यक्ष सुनेत्रा पवार ने पार्टी नेताओं को एकजुट रहने की बात कही. सुनेत्रा पवार ने आगे कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकता है. बैठक के अंत में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव भी पारित किया गया जिसमें कहा गया की आने वाले समय में सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में पार्टी को पूरे महाराष्ट्र में और मजबूत किया जाएगा.

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