दिल्ली में जनगणना (Census in Delhi ) 2027 के दूसरे चरण की शुरुआत 10 जनवरी से होने की संभावना है। अधिकारियों ने गुरुवार (22 अक्टूबर) को बताया कि घर-घर जाकर गणना की प्रक्रिया शुरू होने से पहले लोगों को 15 दिनों तक स्व-गणना की सुविधा मिलेगी। इसके तहत लोग खुद अपनी और अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकेंगे। स्व-गणना की अवधि 10 जनवरी से 24 जनवरी 2027 तक निर्धारित की गई है। इसके बाद 25 जनवरी से 28 फरवरी तक क्षेत्रीय स्तर पर घर-घर जाकर गणना का काम किया जाएगा। इस दौरान गणनाकर्मी घरों तक पहुंचकर आवश्यक जानकारी एकत्र करेंगे। जनगणना की निर्धारित प्रक्रिया के तहत एक से पांच मार्च 2027 तक संशोधन का दौर चलेगा।

जनगणना से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, दूसरे चरण को लेकर गुरुवार को दिल्ली के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें जनगणना अधिकारी भी शामिल होंगे। इस चरण में नागरिकों से विभिन्न विषयों पर 40 सवाल पूछे जाएंगे। इनमें जाति से संबंधित जानकारी भी शामिल होगी, जिसे 1931 की जनगणना के बाद पहली बार दर्ज किया जाएगा।

पहले चरण में 76 लाख मकानों का सर्वे

अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली में जनगणना 2027 का पहला चरण 14 जून को समाप्त हुआ था। इस दौरान लगभग 76 लाख मकानों और करीब 55 लाख परिवारों को गणना में शामिल किया गया। गणनाकारों ने दर्ज किया कि राजधानी में दो करोड़ 30 लाख से अधिक लोग सामान्य रूप से निवास कर रहे थे। जनसंख्या गणना के दूसरे चरण में नागरिकों से कुल 40 सवाल पूछे जाएंगे। इनमें जाति के अलावा धर्म, माता-पिता का विवरण, प्रवास, शिक्षा और व्यवसाय से संबंधित जानकारियां शामिल होंगी। इसके साथ ही प्रश्नावली में नाम, लिंग, जन्मतिथि, उम्र, वैवाहिक स्थिति और परिवार के मुखिया से संबंध जैसी व्यक्तिगत जानकारियां भी दर्ज की जाएंगी।

जनवरी से शुरू होगी प्रक्रिया

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, दिल्ली में दूसरे चरण की शुरुआत 10 जनवरी 2027 से होने की संभावना है। 10 से 24 जनवरी तक स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसके बाद 25 जनवरी से 28 फरवरी तक घर-घर जाकर गणना की जाएगी। वहीं, एक से पांच मार्च तक संशोधन की प्रक्रिया निर्धारित की गई है।

परिवार और वित्तीय स्थिति से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे

जनगणना 2027 के दूसरे चरण में नागरिकों से सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक स्थिति से जुड़ी विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी। प्रश्नावली में राष्ट्रीयता, धर्म, अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति की स्थिति, दिव्यांगता, मातृभाषा और अन्य भाषाओं की जानकारी मांगी जाएगी। इसके अलावा लोगों की शैक्षणिक योग्यता, रोजगार की स्थिति, व्यवसाय, उद्योग और श्रमिक वर्ग से संबंधित सवाल भी शामिल होंगे। इन जानकारियों के जरिए नागरिकों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का आकलन किया जाएगा।

प्रवास और पहचान दस्तावेजों की भी ली जाएगी जानकारी

प्रश्नावली में प्रवास से जुड़े सवाल भी होंगे। नागरिकों से उनके जन्मस्थान, अंतिम निवास स्थान, प्रवास के कारण और वर्तमान स्थान पर रहने की अवधि के बारे में जानकारी मांगी जाएगी। वहीं, परिवार और वित्तीय स्थिति से जुड़े विवरणों में बच्चों की संख्या और बैंक खातों की संख्या शामिल होगी। इसके साथ ही यह भी पूछा जाएगा कि संबंधित व्यक्ति के पास मोबाइल फोन नंबर, आधार संख्या, मतदाता पहचान पत्र या पासपोर्ट है या नहीं। इन जानकारियों को जनगणना के निर्धारित प्रारूप के तहत दर्ज किया जाएगा।

आधार देना अनिवार्य नहीं, स्वैच्छिक होगी जानकारी

जनगणना 2027 के दौरान आधार और अन्य पहचान संबंधी विवरण केवल उपलब्ध होने की स्थिति में मांगे जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, आधार संख्या देना स्वैच्छिक होगा। प्रस्तावित प्रश्नावली में माता-पिता की जन्मतिथि और जन्मस्थान से संबंधित सवाल भी शामिल किए गए हैं। जनगणना नियमावली में गणनाकारों और पर्यवेक्षकों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इनमें मकानों की नंबरिंग, क्षेत्र के नक्शे तैयार करने, एकत्र की गई जानकारी की गोपनीयता बनाए रखने और बेघर लोगों की गणना करने से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। इसके अलावा स्व-गणना और संशोधन की प्रक्रिया को लेकर भी व्यवस्थाएं निर्धारित की गई हैं।

दो चरणों में होगी जनगणना 2027

जनगणना 2027 को दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है। पहले चरण में मकानों की सूची तैयार करने और आवास संबंधी गणना का काम किया जाता है, जबकि दूसरे चरण में जनसंख्या की गणना की जाती है। इसके लिए तैयार की जा रही समय-सारिणी और प्रश्नावली देशभर में जनगणना की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने की तैयारियों का हिस्सा हैं।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m