फिलिस्तीनी के संगठन हमास ने सोमवार को अपने नए प्रमुख के नाम का ऐलान कर दिया है. आतंकी संगठन हमास ने घोषणा की है कि खलील अल-हय्या को हमास का प्रमुख चुना गया है. इजरायली हमलों में इस्माइल हनैया और याहया सिनवार की मौत के बाद खलील अल-हैया हमास के बड़े नेता बनकर उभरे हैं. 2014 में इजरायल के साथ युद्धविराम कराने में उनकी बड़ी भूमिका रही है.
खलील अल-हय्या पूर्व प्रमुख याह्या सिनवार की जगह लेगा, जिसे इजरायली सेना ने अक्टूबर 2024 में मार गिराया था. खलील अल-हय्या को संगठन के राजनीतिक ब्यूरो का नया प्रमुख चुना गया है.
फिलिस्तीनी मिलिटेंट ग्रुप हमास ने खलील अल-हैया को अपना नया लीडर नियुक्त किया है. हमास लंबे समय से नेता विहीन था। इजरायल ने हर हमास नेता को मारने की कसम खाई है. अल-हय्या पहले गाजा में हमास के पॉलिटिकल ब्यूरो का प्रमुख था. वह पूर्व चीफ याह्या अल-सिनवार की जगह लेंगे.
हमास नेता याह्या सिनवार और इस्माइल हानिया की हत्या के बाद पिछले दो सालों से इस संगठन की कमान पांच सदस्यों वाली एक लीडरशिप काउंसिल के हाथ में रही है, जिसमें अल-हय्या भी शामिल था.
खलील अल हय्या 7 अक्टूबर को इजरायल पर हुए हमले को ‘बड़ा काम’ बताता है. उसका मानना है कि इससे फिलिस्तीनी मुद्दे को फिर से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बनाने में कामयाब रहा.
जानकारी के अनुसार, खलील अल-हय्या का जन्म मिस्र के कब्जे के दौरान गाजा पट्टी में हुआ था. उनकी गिनती उन चंद हमास नेताओं में की जाती थी, जिस पर सिनवार आंख मूंदकर भरोसा करता था. खलील अल-हय्या गाजा में युद्ध खत्म करने के लिए संघर्ष-विराम और बंधकों की रिहाई पर हुई बातचीत के दौरान आतंकी संगठन का मुख्य वार्ताकार था. खलील अल-हय्या फिलीस्तीनी प्राधिकरण और राष्ट्रपति महमूद अब्बास का राजनीतिक विरोधी भी है.
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