अनुज कुमार पांडेय, गोपालगंज। बिहार के प्रसिद्ध सिद्धपीठ थावे दुर्गा मंदिर के सौंदर्यीकरण और पर्यटन विकास परियोजना में लापरवाही बरतने पर राज्य सरकार ने बेहद सख्त कदम उठाया है। सरकार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने परियोजना की कछुआ चाल और कथित अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए पर्यटन विभाग के कार्यपालक अभियंता और सहायक अभियंता को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है। इन दोनों अधिकारियों को उनके मूल विभाग में वापस भेजने का निर्देश जारी किया गया है।

​जनवरी 2026 की डेडलाइन भी हुई फेल

​बिहार सरकार ने थावे दुर्गा मंदिर को विश्वस्तरीय धार्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए वर्ष 2023 में करीब 29 करोड़ रुपये की एक महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दी थी। इस भारी-भरकम बजट से मंदिर परिसर का कायाकल्प और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जानी थीं।​शुरुआत में सरकार ने इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए जनवरी 2025 तक की समयसीमा तय की थी। तय वक्त पर काम पूरा न होने पर सरकार ने नरमी दिखाते हुए निर्माण एजेंसियों को एक साल का अतिरिक्त समय दिया और जनवरी 2026 तक हर हाल में काम पूरा करने का निर्देश दिया। इसके बावजूद निर्माण कार्य अधूरा ही रहा, जिससे स्थानीय जनता और श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश था।

​जेडीयू विधायक की शिकायत पर मुख्य सचिव का एक्शन

परियोजना में हो रही देरी और लापरवाही को लेकर बरौली के जेडीयू विधायक व विधानसभा के उप सचेतक मंजीत सिंह ने मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत को पत्र लिखकर इसकी शिकायत की थी।​विधायक की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गोपालगंज के जिलाधिकारी से पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी। जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट में जैसे ही परियोजना के क्रियान्वयन में लापरवाही और धीमी गति की पुष्टि हुई, मुख्य सचिव ने बिना देर किए दोनों जिम्मेदार इंजीनियरों को हटाने का आदेश जारी कर दिया। इसके साथ ही निर्माण एजेंसी को कड़े शब्दों में अल्टीमेटम दिया गया है कि वे अधूरे बचे कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करें।

​श्रद्धालुओं को अब जल्द काम पूरा होने की उम्मीद

​सरकार की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। इसे थावे दुर्गा मंदिर विकास परियोजना में तेजी लाने और सरकारी अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की दिशा में एक बड़ा और कड़ा संदेश माना जा रहा है। स्थानीय लोगों और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को अब यह उम्मीद जागी है कि जल्द ही निर्माण कार्य रफ्तार पकड़ेगा और थावे दुर्गा मंदिर को एक भव्य व विकसित वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में नई पहचान मिलेगी।