अमृतसर। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 पावन स्वरूपों के गायब होने के मामले से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज विशेष जांच टीम (SIT) को सौंप दिए हैं। यह कार्रवाई श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के निर्देशों के बाद की गई है। इस कदम से साल 2020 के इस चर्चित मामले में वित्तीय अनियमितताओं और कर्मचारियों की मिलीभगत की जांच अब और तेज होने की उम्मीद है।
क्या है पूरा मामला ?
साल 2020 में SGPC के प्रकाशन विभाग से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 स्वरूपों के लापता होने का गंभीर मामला सामने आया था। जांच में पाया गया कि कर्मचारियों ने रिकॉर्ड में हेराफेरी कर इन स्वरूपों की ‘भेंटा’ (राशि) का व्यक्तिगत हितों के लिए दुरुपयोग किया। पंजाब सरकार द्वारा गठित SIT इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और हाल ही में टीम ने अमृतसर स्थित SGPC कार्यालय का दौरा भी किया था।

तीन पूर्व कर्मचारी मुख्य आरोपी
SGPC के अनुसार, जांच रिपोर्ट में तीन पूर्व कर्मचारियों- कंवलजीत सिंह, बाज सिंह और दलबीर सिंह की मुख्य संलिप्तता पाई गई थी। सचिव प्रताप सिंह ने बताया कि इन आरोपियों ने अपने निजी लालच के लिए रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ की, जिससे पूरी संस्था की छवि धूमिल हुई। सिखों की सर्वोच्च संस्था अकाल तख्त साहिब द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर कमेटी इन दोषियों के खिलाफ पहले ही दंडात्मक कार्रवाई पूरी कर चुकी है।
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