इदरीश मोहम्मद, पन्ना। मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य दावों की जमीनी हकीकत एक बार फिर पन्ना जिले के दुर्गम क्षेत्र कल्दा में उजागर हुई है। जहां सिस्टम की लापरवाही का खामियाजा प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक महिला को सहना पड़ा। तेज हवाओं और बारिश के बीच परिजन गर्भवती महिला को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे लेकिन वहां डॉक्टर या स्टाफ के बजाय उन्हें गेट पर ताला मिला।
भीषण बारिश और अस्पताल बंद
घटना सोमवार रात की है। ग्राम सकतरा की रहने वाली वंदना वर्मा को जब प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो परिजनों ने 108 एम्बुलेंस को सूचना दी। भारी बारिश के बीच एम्बुलेंस महिला को लेकर कल्दा स्थित सामुदायक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची, लेकिन अस्पताल के मुख्य द्वार पर बड़ा सा ताला लटका हुआ मिला।
जिम्मेदारों ने नहीं उठाया फोन
असहनीय दर्द और मूसलाधार बारिश के बीच परिजन अस्पताल के बाहर खड़े होकर डॉक्टर और स्टाफ को फोन लगाते रहे। बार-बार कॉल करने के बाद भी किसी जिम्मेदार स्वास्थ्यकर्मी ने फोन नहीं उठाया।
27 किलोमीटर का जोखिम भरा सफर
अस्पताल से किसी भी तरह की मदद नही मिलता देख प्रसूता को गंभीर हालत में 27 किलोमीटर दूर सलेहा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। गनीमत रही कि एंबुलेंस के माध्यम से समय रहते दूसरे केंद्र पहुंचा दिया गया।
उम्मीद से गए थे, मिला ताला – परिजन
वहीं इस घटना के बाद पीड़िता के ससुर ने कहा कि हम बड़ी उम्मीद से अस्पताल आए थे कि बहु को समय पर इलाज मिल जाएगा लेकिन यहां तो कोई है ही नहीं और गेट पर ताला भी लगा हुआ है। उन्होंने आगे बताया कि कुछ देर इंतजार करने और किसी के फोन नहीं उठाने के बाद सलेहा सामुदायिक केंद्र के लिए निकल गए।

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