Business Desk – भारतीय शेयर बाजार में आईपीओ (IPO) का क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है. इसी बीच बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने तीन बड़ी कंपनियों के आईपीओ प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है. इनमें स्टील, इंडस्ट्रियल गियरबॉक्स और ग्रीन एनर्जी सेक्टर की कंपनियां शामिल हैं. आने वाले महीनों में बॉम्बे कोटेड एंड स्पेशल स्टील्स, बॉनफिग्लियोली ट्रांसमिशन और स्वराज ग्रीन पावर एंड फ्यूल बाजार में अपने आईपीओ लॉन्च कर सकती हैं.

निवेशकों के लिए क्यों खास है यह खबर?
पिछले कुछ समय में भारतीय आईपीओ बाजार में निवेशकों की जबरदस्त भागीदारी देखने को मिली है. कई कंपनियों के आईपीओ को शानदार रिस्पॉन्स मिला है. ऐसे में तीन अलग-अलग सेक्टर की कंपनियों का बाजार में आना निवेशकों के लिए नए अवसर लेकर आ सकता है.
बॉम्बे कोटेड एंड स्पेशल स्टील्स जुटाएगी नई पूंजी
इस सूची में पहला नाम बॉम्बे कोटेड एंड स्पेशल स्टील्स का है. कंपनी ने सितंबर 2025 में सेबी के पास अपने ड्राफ्ट पेपर्स जमा किए थे, जिन्हें अब मंजूरी मिल गई है. कंपनी आईपीओ के जरिए 1.5 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करेगी. आईपीओ के बाद कंपनी के कुल शेयरों की संख्या 3.96 करोड़ से बढ़कर 5.46 करोड़ हो जाएगी. कंपनी के प्रमोटर विजयकुमार हिमातराई गुप्ता, नितिन विजयकुमार गुप्ता और भावना नितिन गुप्ता हैं, जिनके पास वर्तमान में पूरी प्रमोटर हिस्सेदारी है.
कौन संभालेगा इस IPO की जिम्मेदारी?
बॉम्बे कोटेड एंड स्पेशल स्टील्स के आईपीओ के लिए स्मार्ट होराइजन कैपिटल एडवाइजर्स को बुक रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया गया है. वहीं केफिन टेक्नोलॉजीज इस आईपीओ के रजिस्ट्रार की भूमिका निभाएगी.
बॉनफिग्लियोली ट्रांसमिशन का IPO होगा अलग
इंडस्ट्रियल गियरबॉक्स बनाने वाली कंपनी बॉनफिग्लियोली ट्रांसमिशन को भी सेबी से मंजूरी मिल गई है. कंपनी ने फरवरी 2026 में अपने दस्तावेज जमा किए थे. इस कंपनी का आईपीओ पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा. यानी कंपनी नए शेयर जारी नहीं करेगी, बल्कि मौजूदा निवेशक अपने 4.7 करोड़ शेयर बेचेंगे. इस आईपीओ से मिलने वाली रकम कंपनी के बजाय मौजूदा शेयरधारकों को मिलेगी.
एक्सिस कैपिटल संभालेगी IPO
बॉनफिग्लियोली ट्रांसमिशन के आईपीओ का प्रबंधन एक्सिस कैपिटल करेगी. वहीं एमयूएफजी इनटाइम इंडिया को इसका रजिस्ट्रार बनाया गया है. औद्योगिक और पावर ट्रांसमिशन उपकरण बनाने वाली यह कंपनी देश के कई बड़े उद्योगों को अपनी सेवाएं देती है.
स्वराज ग्रीन पावर एंड फ्यूल पर रहेगी खास नजर
तीसरी कंपनी स्वराज ग्रीन पावर एंड फ्यूल है, जो महाराष्ट्र की प्रमुख शुगर और बायो-एनर्जी कंपनियों में शामिल है. कंपनी के पास प्रतिदिन 7,500 टन गन्ना क्रश करने की क्षमता है. इसके अलावा कंपनी के पास 500 केएलपीडी क्षमता का एथेनॉल प्लांट और 26.5 मेगावाट का पावर प्लांट भी है. कंपनी एक ही स्थान पर चीनी, एथेनॉल, एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल (ENA), रेक्टिफाइड स्पिरिट और बिजली का उत्पादन करती है.
सरकार की एथेनॉल नीति से मिल सकता है बड़ा फायदा
स्वराज ग्रीन पावर एंड फ्यूल सरकार के एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम का फायदा उठाने की अच्छी स्थिति में है. सरकार पेट्रोल में एथेनॉल की हिस्सेदारी बढ़ाकर कच्चे तेल के आयात को कम करना चाहती है और स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा दे रही है. ऐसे में इस सेक्टर की कंपनियों के लिए भविष्य में अच्छी संभावनाएं मानी जा रही हैं.
IPO में Fresh Issue और OFS का क्या मतलब है?
बॉम्बे कोटेड एंड स्पेशल स्टील्स का आईपीओ फ्रेश इश्यू होगा, यानी कंपनी नए शेयर जारी कर पूंजी जुटाएगी. दूसरी ओर, बॉनफिग्लियोली ट्रांसमिशन का आईपीओ ऑफर फॉर सेल होगा, जिसमें मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे और कंपनी को नई पूंजी नहीं मिलेगी.
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय आईपीओ बाजार अभी मजबूत स्थिति में है. स्टील, इंडस्ट्रियल और ग्रीन एनर्जी जैसे अलग-अलग सेक्टर की कंपनियों के आने से निवेशकों को विविध विकल्प मिलेंगे. हालांकि किसी भी आईपीओ में निवेश करने से पहले कंपनी के कारोबार, वित्तीय स्थिति और जोखिमों को समझना जरूरी है.
आने वाले महीनों में IPO बाजार रहेगा गर्म
SEBI से मंजूरी मिलने के बाद अब इन तीनों कंपनियों के आईपीओ लॉन्च होने का इंतजार है. बाजार जानकारों का मानना है कि मजबूत निवेशक मांग और अच्छे बाजार माहौल के बीच ये आईपीओ निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच सकते हैं.

