कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़।हरियाणा की न्यायिक व्यवस्था से जुड़ा एक मामला उस समय सनसनी बन गया जब महेंद्रगढ़ में तैनात एक जज पर उनके ही रसोइये ने यौन शोषण, बंधक बनाने और मारपीट जैसे गंभीर आरोप लगा दिए। गुरुग्राम के उद्योग विहार थाने में दी गई शिकायत में पीड़ित ने दावा किया है कि जज उससे “अंदरूनी अंगों की मालिश” करवाने का दबाव बनाते थे। मना करने पर उसे कथित तौर पर गुरुग्राम बुलाकर पीटा गया और बाद में खरखौदा स्थित कोठी में दो दिन तक बंद रखा गया।
मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले का रहने वाला पीड़ित व्यक्ति करीब नौ साल से जज की खरखौदा स्थित कोठी में रसोइये का काम कर रहा था। उसने एक मई को उद्योग विहार थाने में लिखित शिकायत दी। साथ ही गुरुग्राम पुलिस आयुक्त, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट, हरियाणा सरकार और मानवाधिकार आयोग को भी शिकायत भेजी है। पुलिस ने 9 मई को उसके बयान दर्ज किए हैं।
पीड़ित के मुताबिक जज उस पर लंबे समय से निजी और आपत्तिजनक प्रकार की मालिश करने का दबाव डालते थे। उसने आरोप लगाया कि जब उसने इसका विरोध किया और काम छोड़कर घर जाने की बात कही, तो उसे गुरुग्राम बुलाया गया। शिकायत के अनुसार 8 अप्रैल को वह डूंडाहेड़ा पहुंचा, जहां जज के गनमैन ने उसे एक पीजी में बुलाया। इसके बाद कथित तौर पर उसे गुरुग्राम पुलिस लाइन और फिर उद्योग विहार थाने ले जाया गया, जहां उसके साथ मारपीट की गई।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि बाद में उसे जबरन गाड़ी में डालकर खरखौदा स्थित कोठी ले जाया गया, जहां दो दिन तक कमरे में बंद रखा गया। उसने यह भी दावा किया कि इस दौरान उसे खाना-पानी तक नहीं दिया गया। किसी तरह वहां से निकलने के बाद वह अपने घर पहुंचा और फिर न्याय के लिए शिकायतें भेजीं।
यह मामला इसलिए भी बेहद संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि आरोप सीधे न्यायपालिका से जुड़े एक अधिकारी पर लगे हैं। ऐसे में पुलिस और प्रशासनिक एजेंसियों पर निष्पक्ष जांच का दबाव बढ़ गया है। फिलहाल उद्योग विहार थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है और आधिकारिक स्तर पर अभी तक किसी गिरफ्तारी या FIR की पुष्टि नहीं हुई है।
राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी यह मामला बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है कि अगर शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह सिर्फ व्यक्तिगत अपराध नहीं बल्कि सत्ता और पद के दुरुपयोग का गंभीर मामला माना जाएगा।
वहीं कानूनी जानकारों का कहना है कि चूंकि मामला न्यायपालिका से जुड़ा है, इसलिए जांच की प्रक्रिया और भी संवेदनशील हो सकती है।
फिलहाल पूरे मामले पर सभी की नजरें पुलिस जांच और न्यायपालिका की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं, क्योंकि आरोपों ने हरियाणा में बड़ा तहलका मचा दिया है।

