आशुतोष तिवारी, जगदलपुर। बस्तर जिले के बकावंड ब्लॉक में बेमौसम बारिश से किसानों की फसल नुकसान का मामला लल्लूराम डॉट कॉम ने प्रमुखता से उठाया। इस पर अब राजस्व विभाग हरकत में आया है। दरअसल, बकावंड ब्लॉक के टलनार क्षेत्र में भारी बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया था। करीब 50 एकड़ में खड़ी फसल पूरी तरह तबाह हो गई थी, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। मामले को प्रमुखता से दिखाने के बाद प्रशासन ने संज्ञान लिया है और अब राजस्व विभाग की टीम गांव पहुंचकर नुकसान का सर्वे शुरू कर चुकी है।
खेतों में जाकर टीम फसल क्षति का आंकलन कर रही है। किसानों का कहना है कि मीडिया ने उनकी आवाज उठाई तभी प्रशासन मौके पर पहुंचा। लल्लूराम डॉट कॉम की खबर ने किसानों की पीड़ा शासन-प्रशासन तक पहुंचाई, जिसके बाद राहत की प्रक्रिया शुरू हुई है। अब प्रभावित किसानों को मुआवजे की उम्मीद जगी है।

बता दें कि खेतों में तैयार खड़ी सब्जियां और मक्का की फसल कुछ ही मिनटों में ओलों की मार से बर्बाद हो गई थी। स्थानीय किसानों ने टमाटर, पत्तागोभी सहित कई मौसमी सब्जियों की खेती की थी और बेहतर पैदावार की उम्मीद में अच्छी-खासी लागत भी लगाई थी, लेकिन मौसम की मार ने उनकी सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया था। मक्का की फसल भी जमीन पर बिछ चुकी थी।
किसानों का कहना था कि उन्होंने कर्ज लेकर खेती की थी, ऐसे में फसल बर्बाद होने के बाद अब नुकसान की भरपाई कैसे होगी, यह सबसे बड़ी चिंता बन गई है। अगर जल्द राहत नहीं मिली तो आर्थिक संकट और गहरा सकता है। बता दें कि बस्तर जिले में 18 और 19 अप्रैल को मौसम ने अचानक करवट ली थी। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक तेज बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई थी, जिसका सबसे ज्यादा असर खेती-किसानी पर पड़ा था। पीड़ित किसानों ने शासन-प्रशासन से मांग की थी कि फसल नुकसान का सर्वे जल्द कराया जाए और उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि वे इस आर्थिक संकट से उबर सकें। इस मामले को हमने प्रमुखता से उठाया था।
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