भिवानी (अजय सैनी) – उत्तर भारत में लगातार बढ़ते तापमान और लू के थपेड़ों के बीच भीषण गर्मी ने आम जनजीवन को ठीक‑ठाक रूप से प्रभावित करना शुरू कर दिया है। भिवानी के महम रोड स्थित सनफ्लैग मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने गर्मी और लू से बचाव के लिए गर्भवती महिलाओं और आम जन के लिए विशेष सावधानियां बताई हैं।

गर्भवती महिलाओं के लिए खास सलाह
सनफ्लैग अस्पताल की प्रसूति रोग विभाग की अध्यक्षा डॉ. साक्षी मल्होत्रा ने कहा कि बढ़ती गर्मी में गर्भवती महिलाओं को अपना और गर्भ में पल रहे शिशु का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। उन्होंने बताया कि गर्मी से शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) हो सकती है, जिसका असर सीधे गर्भ में पल रहे बच्चे की सेहत और प्रसव समय पर भी पड़ सकता है।
डॉ. मल्होत्रा के अनुसार, गर्भवती महिलाओं कोप्रतिदिन कम से कम 15 से 20 गिलास तरल पदार्थ – पानी, ताज़ा जूस, नारियल पानी और दाल का पानी जैसी चीजें – जरूर लेनी चाहिए, दोपहर के समय बाहर निकलने से बचना चाहिए, क्योंकि तीव्र धूप में निकलने पर सिरदर्द, नाक से खून आना और ब्लड प्रेशर बढ़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं, खानपान में हल्का, आसानी से पचने वाला और कम तीखा भोजन लेना चाहिए, वरना उल्टी, दस्त और पेट फूलने जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। सूती (कॉटन) के ढीले‑ढाल गहरे रंग के कपड़े पहनें और घर में ठंडे, हवादार या एसी/पंखा वाले कमरों में रहें।
आम जन के लिए डॉक्टरों की गाइड
अस्पताल के प्रशासक डॉ. राजकुमार तंवर ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में लू और तीव्र गर्मी की वजह से अस्पताल में उल्टी, दस्त, डिहाइड्रेशन और थकावट के मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। उनके मुताबिक गर्मी में पसीने के माध्यम से शरीर से इलेक्ट्रोलाइट्स बाहर निकल जाते हैं, जिससे चक्कर, झटके, धुंधला दिखना और हल्की से लेकर गंभीर हीटस्ट्रोक तक हो सकता है।डॉ. तंवर ने आम जन के लिए यह सलाह दी है:
- बिना ज़रूरत के बाहर न निकलें, यदि कोई मजबूरी है, तो सुबह जल्दी या शाम के समय बाहर निकलें,
- धूप में घूमते समय सिर पर हल्का कपड़ा या टोपी जरूर पहनें और आँखों को सूरज की तेजधार किरणों से बचाने के लिए धूप का चश्मा (सन ग्लास) लगाएं,
*खीरा, तरबूज, ककड़ी और अन्य पानी से भरपूर फल‑सब्जियां का सेवन बढ़ाएं, - लस्सी और नमक‑शक्कर से बना ओआरएस जैसा ठंडा पेय लेने से शरीर ठंडा रहता है और इलेक्ट्रोलाइट्स मेंबर को बैलेंस रखने में मदद मिलती है,
- यदि चेहरा सूखने लगे, तेज थकान या चक्कर महसूस हो, तो तुरंत छाया में आएं, * ठंडा पानी या ओआरएस लें और किसी भी भद्दे असर को नज़रअंदाज न करते हुए तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
डॉक्टरों का चेतावनी संदेश
डॉ. तंवर ने चेतावनी दी कि गर्मी के सीज़न में खासकर बुजुर्ग लोग, बच्चे, गर्भवती महिलाएं और शुगर/हाई बीपी वाले मरीज ज़्यादा संवेदनशील हैं, इसलिए ये लोग धूप में लंबे समय तक बाहर न रहें। उन्होंने स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को गर्मी और लू से बचाव के बारे में शिक्षित करने की भी सलाह दी है।
सनफ्लैग अस्पतालों के विशेषज्ञों का कहना है कि इन सावधानियों को अपनाकर लोग भीषण गर्मी और लू से होने वाली गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से आंशिक रूप से बच सकते हैं और इस दौरान जीवन‑रक्षक चिकित्सा हस्तक्षेप की आवश्यकता कम होगी।
