भुवनेश्वर: बहुचर्चित सौम्य रंजन स्वैन मृत्यु मामले में राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाया है. इस घटना में नाम आने के बाद वरिष्ठ आईपीएस (IPS) अधिकारी दयाल गंगवार को निलंबित कर दिया गया है. सूचना मिली है कि यह कार्रवाई मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के निर्देश पर की गई है.

यहाँ बता दें कि पिछले महीने की 7 मई को भुवनेश्वर के बाहरी इलाके में स्थित बालियंता थाना क्षेत्र के रामचंद्रपुर ब्रिज के पास दिन-दहाड़े सौम्य रंजन स्वैन पर हमला किया गया था. गंभीर हालत में उन्हें कैपिटल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
घटना के बाद सौम्य रंजन के परिवार वालों ने आरोप लगाया था कि उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था और इसमें दयाल गंगवार की संलिप्तता थी. पता चला है कि सौम्य रंजन पहले दयाल गंगवार के जिम में काम करते थे. इसी शिकायत के आधार पर वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अरुण बोथरा के नेतृत्व में मामले की जांच की जा रही थी.
जांच रिपोर्ट सरकार के पास पहुंचने के बाद गंगवार के खिलाफ यह प्रशासनिक कार्रवाई की गई है. निलंबन से पहले उन्हें गृह विभाग में ओएसडी के रूप में तैनात किया गया था. इस मामले में जांच अभी भी जारी है और आने वाले समय में कुछ और तथ्य भी सामने आ सकते हैं.
सीनियर आईपीएस अधिकारी दयाल गंगवार के खिलाफ कई सनसनीखेज तथ्य सामने आए हैं. जीआरपी (GRP) कॉन्स्टेबल सौम्य रंजन स्वैन की मौत के मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच की रिपोर्ट से एक बड़ा खुलासा हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार, गंगवार केवल सौम्य रंजन को ही नहीं, बल्कि 8 से अधिक कॉन्स्टेबलों को अपने व्यक्तिगत और घरेलू काम में अवैध रूप से लगा रहे थे.
सरकारी नियमों को ताक पर रखकर वह पुलिस कर्मचारियों को अपने घर के कामों में लगाने के साथ-साथ उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित (टॉर्चर) भी कर रहे थे, यह बात रिपोर्ट में पूरी तरह स्पष्ट हो चुकी है.
कॉन्स्टेबल सौम्य रंजन स्वैन की रहस्यमय मौत के बाद उनके परिवार ने दयाल गंगवार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे. सौम्य को सरकारी ड्यूटी छोड़कर गंगवार के निजी जिम की देखभाल करने और घर के काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा था, जिसकी वजह से वह भारी मानसिक तनाव में थे.
यह मामला सामने आने के बाद राज्य सरकार ने पहले गंगवार को एडीजी कम्युनिकेशन के पद से हटाकर गृह विभाग में ओएसडी नियुक्त किया था. मामले की गंभीरता और क्राइम ब्रांच के शुरुआती तथ्यों के आधार पर मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बड़ा कदम उठाते हुए सीनियर IPS दयाल गंगवार को नौकरी से निलंबित कर दिया है.
पुलिस विभाग में ऊंचे पद का दुरुपयोग कर कॉन्स्टेबलों को घरेलू नौकर की तरह इस्तेमाल करने का यह मामला इस समय पूरे राज्य में चर्चा का विषय बना हुआ है. इस मामले में आगे और भी कई राज खुलने तथा कड़ी कानूनी कार्रवाई होने के संकेत मिले हैं.

