ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य सरकार कागज रहित शासन व्यवस्था की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह के साथ यहां ‘सुशासन प्रथाओं’ पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए यह बात कही।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारा वार्षिक बजट प्रस्तुतीकरण अब पूरी तरह डिजिटल हो गया है। आंतरिक सरकारी संवाद के लिए हमने ओएसडब्ल्यूएएस (ओडिशा सचिवालय वर्कफ्लो ऑटोमेशन सिस्टम) लागू किया है जो एक पूर्णतः स्वचालित प्रणाली है और इससे जवाबदेही का समय काफी कम हुआ है।’’

माझी ने कहा कि ओएसडब्ल्यूएएस ने शासन व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाया है।
उन्होंने बताया कि ‘सुशासन’ पहल के तहत राज्य में अधिकांश नागरिक-केन्द्रित सेवाएं अब ऑनलाइन उपलब्ध हैं। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और विभिन्न योजनाओं के लाभ अब मोबाइल पर ही उपलब्ध हैं।
माझी ने कहा, ‘‘मैं व्यक्तिगत रूप से लोगों की शिकायतें सुनता हूं। साथ ही, हमारे पास एक स्वचालित ऑनलाइन मंच भी है जो अत्यंत प्रभावी साबित हो रहा है।’’
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शासन को ‘नियम आधारित से भूमिका आधारित’ बनाने की दृष्टि का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘हम सिविल सेवकों को ‘कर्मचारी’ से ‘कर्मयोगी’ बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।’’
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने शासन में सुधार के लिए क्षेत्रीय सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।
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