त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान मोहन भागवत ने दुनिया की मौजूदा स्थिति और भारत की भूमिका को लेकर बड़ा बयान दिया। वे मां सौंदर्य चिन्मयी मंदिर के प्रतिष्ठा और कुंभाभिषेक कार्यक्रम में शामिल हुए थे, जहां उन्होंने अपने संबोधन में पिछले करीब 2000 वर्षों के वैश्विक इतिहास और उसके अनुभवों का जिक्र किया। भागवत ने मंगलवार को कहा कि 2000 साल तक शासन, धर्म और विज्ञान के अलग-अलग प्रयोगों के बाद अब दुनिया भटक गई है और भारत के ज्ञान की ओर देख रही है।
2000 साल के इन प्रयोगों के बाद..
विज्ञान के दौर में भी मानव की समस्याएं खत्म नहीं हुईं। लोगों ने कहा कि हम वैज्ञानिक हैं, जब तक भगवान लैब में नहीं दिखेगा, हम नहीं मानेंगे। इसके बाद विज्ञान का दौर आया। कई सुविधाएं और आराम मिले, लेकिन संतोष नहीं आया। आज भी दुनिया में दुख है, परिवार टूट रहे हैं, अपराध बढ़ रहे हैं। युद्ध शुरू होते हैं तो रुकते नहीं। विकास जितना बढ़ रहा है, पर्यावरण उतना ही नष्ट हो रहा है। अब 2000 साल के इन प्रयोगों के बाद दुनिया भटक रही है और भारत के ज्ञान की ओर उम्मीद से देख रही है। उन्होंने इसे भारत का कर्तव्य बताया और कहा कि यही भारत के जीवन का उद्देश्य है।
‘अब भारत की राह देख रही दुनिया’
अब 2000 साल के इन प्रयोगों के बाद दुनिया भटक रही है और भारत के ज्ञान की ओर उम्मीद से देख रही है। उन्होंने इसे भारत का कर्तव्य बताया और कहा कि यही भारत के जीवन का उद्देश्य है। उनके अनुसार, मानवता को सही दिशा दिखाना भारत की जिम्मेदारी है और यही भारत के अस्तित्व का उद्देश्य भी है।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक

