चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की मोहाली की अदालत में पेशी हुई. बताया जा रहा है कि इस दौरान पंजाब पुलिस ने कोर्ट कर्मचारियों के बीच जमकर बहस और हाथापाई हुई है। हालांकि इस मामले में पंजाब पुलिस ने हाथापाई की बात को सीधे खारिज कर दिया है। जब यह खबर सामने आई तो अब यह मामला तूल पकड़ने लगा है। इस मामले में अब कोर्ट कार्रवाई कर सकता है।
कोर्ट कर्मचारी ने लगाया आरोप
कोर्ट कर्मचारी जहां पुलिस कर्मचारियों पर हाथापाई करने का आरोप लगा रहे है। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सिर्फ मजीठिया को बैकडोर से कोर्ट के अंदर ले जाने पर बहस हुई। कोर्ट कर्मचारियों के मुताबिक पंजाब पुलिस का एक इंस्पेक्टर बैक डोर से मजीठिया को अदालत परिसर में लेकर जाना चाहते थे, लेकिन उन्हें रोका गया।

बैक डोर से एंट्री थी बंद
इस बारे में कोर्ट कर्मचारी का कहना है कि उन्होंने पुलिस को जानकारी दी है कि बैक डोर से एंट्री पर जज साहिब ने सब के लिए रोक लगा रखी है। लेकिन इंस्पेक्टर नहीं माने और कोर्ट कर्मचारियों से हाथापाई कर गेट पर लगे ताले की चाबी छीन ली, लेकिन इस मामले में पंजाब पुलिस के इंस्पेक्टर जश्नप्रीत सिंह ने कहा कि कर्मचारियों से हाथापाई नहीं की, बहस जरूर हुई। हम आरोपित को दूसरी तरफ से लेकर जाना चाहते थे। हाथापाई की कोई बात नहीं है।
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