Lifestyle Desk – गर्मी का मौसम आते ही घरों में आम के अचार की खुशबू फैलने लगती है. भारतीय रसोई में आम का अचार सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाने वाला साथ नहीं, बल्कि परंपरा और स्वाद का खास हिस्सा माना जाता है. हर घर में अचार बनाने का तरीका अलग हो सकता है, लेकिन एक बात सभी में समान होती है सही मसालों का इस्तेमाल. अगर मसाले संतुलित मात्रा में न डाले जाएं तो अचार का स्वाद फीका पड़ सकता है और वह जल्दी खराब भी हो सकता है. यही वजह है कि अचार बनाने में इस्तेमाल होने वाले मसाले बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं और ये मसाले खाने से सेहत के लिहाज़ से भी बहुत अच्छा माना जाता है. आइये जानते हैं विस्तार से इन मसालों के फायदे.

सरसों के दाने
सबसे पहले बात करें सरसों के दानों की, तो यह आम के अचार का सबसे जरूरी मसाला माना जाता है. सरसों अचार को हल्का तीखापन देती है और इसमें मौजूद प्राकृतिक गुण अचार को लंबे समय तक सुरक्षित रखने में मदद करते हैं. कई लोग सरसों को दरदरा पीसकर इस्तेमाल करते हैं, जिससे अचार का स्वाद और भी बढ़ जाता है.
हींग
हींग भी अचार का अहम हिस्सा है. थोड़ी सी हींग पूरे अचार की खुशबू बदल देती है. हींग पाचन के लिए फायदेमंद मानी जाती है और अचार में गैस या भारीपन की समस्या को कम करने में मदद करती है. इसके अलावा हींग में एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो अचार को खराब होने से बचाते हैं.
मेथी दाना
मेथी दाना भी आम के अचार में खूब इस्तेमाल किया जाता है. इसका हल्का कड़वापन अचार के स्वाद को संतुलित करता है. मेथी दाना शरीर के लिए भी लाभकारी माना जाता है. यह पाचन सुधारने और शरीर को ठंडक देने में मदद करता है. हालांकि इसकी मात्रा ज्यादा होने पर अचार का स्वाद कड़वा हो सकता है, इसलिए इसे संतुलित मात्रा में ही डालना चाहिए.
सौंफ
सौंफ अचार में हल्की मिठास और खुशबू जोड़ती है. खासकर उत्तर भारत में बनने वाले आम के अचार में सौंफ का इस्तेमाल काफी किया जाता है. सौंफ खाने को सुगंधित बनाने के साथ-साथ पाचन को भी बेहतर करती है.
कलौंजी
कलौंजी भी अचार का एक खास मसाला है. छोटे-छोटे काले दाने अचार को अलग स्वाद और खुशबू देते हैं. कलौंजी में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो अचार को लंबे समय तक सुरक्षित रखने में मदद करते हैं.
हल्दी और लाल मिर्च पाउडर
हल्दी और लाल मिर्च पाउडर के बिना अचार अधूरा माना जाता है. हल्दी अचार को रंग देने के साथ-साथ बैक्टीरिया से बचाने में मदद करती है. वहीं लाल मिर्च अचार को तीखा और स्वादिष्ट बनाती है.
नमक
नमक भी अचार को सुरक्षित रखने में बड़ी भूमिका निभाता है. सही मात्रा में नमक डालने से अचार जल्दी खराब नहीं होता.
सरसों का तेल
इसके अलावा अचार में सरसों का तेल इस्तेमाल करना भी बेहद जरूरी माना जाता है. तेल अचार को हवा और नमी से बचाकर लंबे समय तक सुरक्षित रखता है.
अगर सही मसालों और उचित मात्रा का ध्यान रखा जाए तो आम का अचार न सिर्फ स्वादिष्ट बनता है बल्कि महीनों तक सुरक्षित भी रहता है. यही वजह है कि पारंपरिक भारतीय अचार आज भी हर खाने की थाली की शान माना जाता है.
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