रांची। झारखंड विधानसभा और मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। शुक्रवार को ई-मेल के जरिए धमकी मिलने की सूचना के बाद विधानसभा प्रशासन ने तत्काल रांची के विधानसभा थाना को लिखित जानकारी दी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा बलों ने झारखंड विधानसभा, प्रोजेक्ट भवन और CMO परिसर में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया। झारखंड जगुआर की BDDС (बम निरोधक एवं पहचान दस्ता) टीम ने करीब चार घंटे तक पूरे परिसर की गहन तलाशी ली। हालांकि, सर्च के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।

तीनों हाई-सिक्योरिटी परिसरों में बढ़ाई गई सुरक्षा

तलाशी अभियान के बाद भी एहतियात के तौर पर विधानसभा, सचिवालय और मुख्यमंत्री कार्यालय की सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

धमकी वाले ई-मेल का सोर्स खंगाल रही साइबर टीम

धमकी भरे ई-मेल के सोर्स का पता लगाने के लिए साइबर सेल और तकनीकी टीम सक्रिय हो गई है। पुलिस ई-मेल के IP Address और तकनीकी डिटेल्स खंगाल रही है, ताकि धमकी भेजने वाले की पहचान की जा सके।

मार्च में भी सरकारी भवनों और कोर्ट को मिली थी धमकी

झारखंड में इस तरह की धमकी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले मार्च में रांची समाहरणालय के अलावा धनबाद और साहिबगंज सिविल कोर्ट को भी ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। उस समय भी सुरक्षा एजेंसियों ने कोर्ट परिसरों को खाली कराकर डॉग स्क्वॉड और BDDС टीम की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया था।

हटिया डीएसपी नीरज कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, 11 अगस्त को भी विधानसभा के एक अधिकारी को इस संबंध में कॉल/सूचना मिली थी, जिसके बाद से सुरक्षा तंत्र को अलर्ट पर रखा गया है।