नई दिल्ली। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने दिल्ली में यमुना पुनर्जीवीकरण परियोजना (Yamuna rejuvenation project) की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि स्वच्छ और निर्मल यमुना, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकारों का साझा संकल्प है और इसे जल्द पूरा करने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों को एकीकृत कार्ययोजना के तहत काम करना होगा। बैठक में यमुना नदी की सफाई, प्रदूषण नियंत्रण, सीवेज प्रबंधन और नदी के समग्र पुनर्जीवीकरण से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। अमित शाह ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए, ताकि परियोजना के सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे हो सकें।

बैठक के दौरान गृह मंत्री ने निर्देश दिया कि यमुना पुनर्जीवीकरण परियोजना के प्रत्येक कार्य के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की जाए और उसकी नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। केवल परियोजनाओं को पूरा करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके दीर्घकालिक रखरखाव की प्रभावी व्यवस्था भी विकसित की जानी चाहिए, ताकि यमुना की स्वच्छता और जल गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहे। अमित शाह ने अधिकारियों से कहा कि परियोजना की प्रगति की समीक्षा प्रत्येक 20 दिन में की जाए। नियमित समीक्षा से कार्यों में तेजी आएगी, विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और निर्धारित समय के भीतर लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिलेगी।

यमुना को प्रदूषणमुक्त और अविरल बनाने के लिए केंद्र तथा राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया। बैठक में दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सरकारों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यमुना की सफाई के लिए अलग-अलग प्रयासों के बजाय सभी एजेंसियों और राज्यों को टीम भावना के साथ समन्वित तरीके से काम करना होगा। बैठक में गृह मंत्री ने दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सरकारों को संयुक्त रूप से कार्य करते हुए यमुना नदी में निर्धारित मानकों के अनुरूप ईको-फ्लो सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नदी के पुनर्जीवीकरण के लिए पर्याप्त जल प्रवाह बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, जिससे नदी का प्राकृतिक स्वरूप और पारिस्थितिकी तंत्र संरक्षित रह सके।

बायोगैस संयंत्र तक पहुंचेगा गोबर

केंद्रीय गृह मंत्री ने दिल्ली की डेयरियों से निकलने वाले अपशिष्ट को यमुना में जाने से रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि जल्द ही MCD और National Dairy Development Board के बीच एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस व्यवस्था के तहत डेयरियों और गौशालाओं से निकलने वाला गोबर सीधे बायोगैस एवं जैविक खाद संयंत्रों तक पहुंचाया जाएगा। अमित शाह ने कहा कि इस मॉडल के लागू होने से यमुना के किनारों पर कचरे और अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन सुनिश्चित होगा, जिससे नदी में प्रदूषण का स्तर कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही, गोबर का उपयोग ऊर्जा और जैविक खाद के उत्पादन में होने से पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के बेहतर उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।

128 STP स्थापित

समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों ने अमित शाह को बताया कि दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में यमुना नदी को प्रदूषणमुक्त बनाने के प्रयासों के तहत अब तक 128 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) स्थापित किए जा चुके हैं। इसके अलावा वर्ष 2027 के अंत तक 99 नए STP भी बनाए जाने की योजना है, जिससे सीवेज शोधन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। बैठक में अमित शाह ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि एसटीपी, औद्योगिक अपशिष्ट और विभिन्न नालों से होने वाले डिस्चार्ज की प्रभावी और नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यमुना की सफाई जैसे महत्वपूर्ण अभियान में केवल संतोषजनक कार्य पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऐसे ठोस और मापनीय परिणाम सामने आने चाहिए जिनसे नदी के जल की गुणवत्ता में वास्तविक सुधार दिखाई दे।

समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि यमुना में गिरने वाले नालों की डी-सिल्टिंग (गाद निकालने) का कार्य तेज गति से जारी है। इस वर्ष नालों से कुल 28.57 लाख मीट्रिक टन गाद निकालने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसमें से अब तक लगभग 97 % कार्य पूरा किया जा चुका है। अधिकारियों ने बताया कि शेष गाद को भी 15 जून तक हटाने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक के दौरान अमित शाह ने निर्देश दिया कि नालों से निकाली गई गाद के निपटान के लिए वैज्ञानिक और टिकाऊ व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि इस गाद का उपयोग विभिन्न विनिर्माण और निर्माण परियोजनाओं में किया जाना चाहिए, ताकि मॉनसून के दौरान यह दोबारा बहकर यमुना में न पहुंचे।

अमित शाह ने ‘X’ पर लिखा

बैठक के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने X पर पोस्ट करते हुए कहा कि मोदी सरकार यमुना को स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि यमुना की सफाई और पुनर्जीवन से जुड़े कार्यों की समीक्षा के दौरान कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। अमित शाह ने लिखा, “मोदी सरकार यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए कटिबद्ध है। यमुना की स्वच्छता के संबंध में समीक्षा बैठक की। दिल्ली के डेयरी सेक्टर के वेस्ट को यमुना में गिरने से रोकने के लिए MCD और NDDB के बीच MOU होगा, जिससे डेयरी वेस्ट से गोबर गैस और खाद बनेगी।”

उन्होंने आगे बताया कि यमुना में गिरने वाले नालों की सफाई के तहत इस वर्ष 28.57 लाख मीट्रिक टन गाद निकालने का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें से 97 % गाद पहले ही निकाली जा चुकी है। उन्होंने कहा कि इस गाद का उपयोग निर्माण कार्यों में किया जाएगा, ताकि यह दोबारा नदी में न पहुंच सके और प्रदूषण का कारण न बने। गृह मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में अब तक 129 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) शुरू किए जा चुके हैं। इसके अलावा वर्ष 2027 के अंत तक 59 नए STP स्थापित किए जाएंगे, जिससे सीवेज शोधन क्षमता बढ़ेगी और यमुना में बिना उपचारित गंदे पानी के प्रवाह को रोकने में मदद मिलेगी।

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