उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के सभी 75 जिलों में पहली बार 'तिरंगा संगीत समारोह' आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन के साथ ही 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत राज्य के 5 करोड़ घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने का लक्ष्य तय किया गया है।

सतीश सिंह, लखनऊ। इस बार आजादी का जश्न सिर्फ सरकारी समारोहों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश की सड़कें, पार्क, चौराहे और मॉल भी देशभक्ति के सुरों से गूंजेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के सभी 75 जिलों में पहली बार ‘तिरंगा संगीत समारोह (तिरंगा कॉन्सर्ट)’ आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों में राष्ट्रभक्ति के गीत, वंदे मातरम्, सैन्य बैंड की प्रस्तुतियां और शहीदों के परिजनों का सम्मान आकर्षण का केंद्र होगा।

‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत इस वर्ष प्रदेश के 5 करोड़ घरों पर तिरंगा फहराने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का उद्देश्य केवल राष्ट्रीय ध्वज फहराना नहीं, बल्कि युवा पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम, स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास और सैनिकों के बलिदान के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करना है।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और बैंड परफॉर्मेंस

तिरंगा कॉन्सर्ट में प्रसिद्ध कलाकारों के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को भी मंच मिलेगा। कार्यक्रमों में देशभक्ति गीत, समूह नृत्य, वंदे मातरम् का सामूहिक गायन, तिरंगा गान और स्वतंत्रता आंदोलन पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। स्कूलों के छात्र, पुलिस बैंड और आर्मी बैंड भी अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को राष्ट्रभक्ति के रंग में रंगेंगे।

लखनऊ में यह आयोजन 1090 चौराहा, हजरतगंज, घंटाघर चौक, जनेश्वर मिश्र पार्क, एमरॉल्ड मॉल, लुलु मॉल समेत कई प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर प्रस्तावित है, ताकि बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल हो सकें।

शहीदों के परिजनों का सम्मान

कार्यक्रमों के दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और विभिन्न युद्धों में शहीद हुए सैनिकों के परिजनों का सार्वजनिक सम्मान भी किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे नई पीढ़ी को देश के लिए बलिदान देने वाले नायकों से प्रेरणा मिलेगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इससे पहले ही निर्देश दे चुके हैं कि 14 और 15 अगस्त को प्रदेश के सभी सिनेमाघरों में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान का अनिवार्य प्रसारण किया जाएगा। साथ ही जिला, तहसील, ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर तक ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को जनभागीदारी के साथ मनाया जाएगा। इसमें जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ नागरिकों, व्यापार मंडलों, सामाजिक संगठनों, एनसीसी, एनएसएस, शिक्षण संस्थानों और सरकारी कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।