पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री पद संभालते ही सीएम सुवेंदु अधिकारी पूरे एक्शन मोड में दिखाई दे रहे हैं। अपनी पहली कैबिनेट बैठक में सीएम सुवेंदु ने कुल 6 एजेंडों को मंजूरी दी है. सुवेंदु अधिकारी ने अपनी पहली कैबिनेट मीटिंग में ममता सरकार के कई फैसलों को पलट दिया है। उन्होंने केंद्र सरकार के आयुष्मान भारत योजना को पूरे राज्य में लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। साथ ही, 45 दिनों के भीतर बीएसएफ को बॉर्डर की बाड़बंदी के लिए जमीन देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सुवेंदु अधिकारी ने टीएमसी सांसद और पूर्व सीएम ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी की Z+ श्रेणी की सुरक्षा वापस ले ली है। अब उन्हें एक सांसद को मिलने वाली सामान्य सुरक्षा व्यवस्था के अनुसार सुरक्षा प्रदान की जाएगी।

2015 में थप्पड़ कांड के बाद दी गई थी Z+ सुरक्षा

बता दें कि, पश्चिम बंगाल में 2015 में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी एक शख्स ने थप्पड़ जड़ दिए थे। थप्पड़ जड़ने वाले शख्स की पहचान भाजपा से जुड़े देबाशीष आचार्य के रूप में हुई थी। इस घटना के बाद ही अभिषेक को तत्कालीन ममता सरकार ने Z+ सुरक्षा दी थी। गौरतलब है कि, इस थप्पड़ कांड के बाद टीएमसी समर्थकों ने देबाशीष आचार्य की खूब पिटाई की थी। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार भी किया था, मगर अभिषेक बनर्जी के दखल पर रिहा कर दिया गया था। हालांकि, कुछ समय बाद देबाशीष आचार्य की रहस्यमय ढंग से मौत हो गई। बताया जा जाता है कि कुछ अज्ञात लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया और कुछ देर बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। परिवार ने इसे हत्या करार दिया था।

ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी को थप्पड़ जड़ने वाले शख्स की मौत, परिवार ने मर्डर बताया

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को मिला गार्ड ऑफ ऑनर

बता दें कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शपथ ग्रहण के बाद पहली बार राज्य सचिवालय नबान्न का दौरा किया, जहां कोलकाता पुलिस कर्मियों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी आज अपनी पहली कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की और सचिवालय में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ चर्चा भी की। हालांकि राज्य सरकार का संचालन ऐतिहासिक राइटर्स बिल्डिंग से करने की योजना है, लेकिन वहां मरम्मत और तैयारियों का कार्य भी पूरा नहीं होने के कारण कैबिनेट की पहली बैठक नबान्न में आयोजित की गई।

कैबिनेट की बैठक के बाद क्या बोले सीएम सुवेंदु?

मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रिमंडल की पहली बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, ’’पश्चिम बंगाल सरकार ने बांग्लादेश के साथ सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन हस्तांतरित करने की मंजूरी दे दी। प्रक्रिया आज से शुरू होकर 45 दिन के अंदर पूरी की जाएगी।’’ उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल ने स्कूलों में नौकरी के आवेदकों की आयु सीमा में पांच साल की बढ़ोतरी के एक प्रस्ताव को भी मंजूर कर लिया जैसा कि चुनाव प्रचार के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वादा किया था। सुवेंदु अधिकारी ने कहा, ’’बंगाल सरकार के मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय और राज्य कैडर के अधिकारियों के लिए केंद्र सरकार के प्रशिक्षण की शुरुआत के लिए कदम उठाने के संबंध में मुख्य सचिव को अधिकृत किया।’’

सुवेंदु सरकार में विभागों का बंटवारा

पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अपनी नई कैबिनेट के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, 9 मई 2026 को शपथ लेने के बाद, आज (सोमवार) मंत्रियों की जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं। बीजेपी के दिग्गज नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष को पंचायत व ग्रामीण विकास और कृषि विपणन, अग्निमित्रा पॉल को नगर विकास और नारी व शिशु कल्याण विभाग, अशोक कीर्तनिया को खाद्य विभाग, खुधीराम टुडू को आदिवासी विकास विभाग और निशिथ प्रामाणिक को उत्तर बंगाल विकास विभाग और खेल व युवा कल्याण विभाग दिया गया है। इसके अलावा सुवेंदु सरकार में आईएएस अफसर मनोज अग्रवाल को मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया है। मनोज अग्रवाल राज्य में मुख्य चुनाव अधिकारी के तौर पर तैनात थे।

किस नेता को क्या मिली जिम्मेदारी?

दिलीप घोष : पंचायत व ग्रामीण विकास और कृषि विपणन

अग्निमित्रा पाल: नगर विकास और नारी व शिशु कल्याण विभाग

अशोक कीर्तनिया : खाद्य विभाग

खुधीराम टुडू : आदिवासी विकास विभाग

निशिथ प्रामाणिक : उत्तर बंगाल विकास विभाग और खेल व युवा कल्याण विभाग

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