अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और चीनी उप प्रधानमंत्री हे लिफेंग रविवार (20 सितंबर) को न्यूयॉर्क पहुंचे. मकसद साफ है कि ये वार्ता इस सप्ताह होने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच शिखर सम्मेलन की तैयारियों के लिए है. वॉशिंगटन में अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और चीन के उप-प्रधानमंत्री हे लिफेंग के बीच बातचीत हुई, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर संभावित समझौतों पर चर्चा हुई.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की गुरुवार को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात होनी है. ट्रम्प ने कहा कि उनका प्रशासन AI को बढ़ावा देगा.
चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की अमेरिका यात्रा और उनके अमेरिकी समकक्ष डोनाल्ड ट्रंप के साथ होने वाली शिखर बैठक से पहले, दोनों देशों के शीर्ष वार्ताकार शनिवार से वाशिंगटन में अंतिम तैयारी-संबंधी बातचीत करेंगे. बातचीत में अमेरिका-चीन के आर्थिक और व्यापारिक संबंधों के कई प्रमुख मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता टैरिफ और महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति शामिल है.
सूत्रों का कहना है कि अमेरिकी डेलिगेशन एक ऐसे समझौते के फॉर्मेट पर काम कर रहा है, जिसे राष्ट्रपति ट्रंप व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलने से पहले सीधा ‘हां या ना’ में अपना आखिरी फैसला दे सकें.
चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने यह बताया कि चीन के उप-प्रधानमंत्री हे लिफेंग 19 से 23 सितंबर तक वाशिंगटन जाने वाले प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। वहां दोनों पक्ष शी और ट्रंप के बीच बनी सहमति के आधार पर आपसी हित के आर्थिक और व्यापारिक मुद्दों पर चर्चा करेंगे.
दोनों देशों के शीर्ष वार्ताकार का मीटिंग का मुख्य उद्देश्य अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच इस सप्ताह होने वाले महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता, शुल्क और महत्वपूर्ण खनिजों पर संभावित समझौतों की नींव रखना था.
आपको याद दिला दे कि इससे पहले दोनों नेताओं की पिछली मुलाकात मई में बीजिंग में ट्रंप की यात्रा के दौरान हुई थी, जब उन्होंने दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच संबंध बेहतर बनाने के मकसद से बातचीत की थी.
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