अखिलेश बिल्लौरे, हरदा। मध्य प्रदेश के हरदा जिले के सिराली थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम गहाल में देर रात मोटरसाइकिल की बैटरी चोरी का विवाद एक बड़े बवाल में तब्दील हो गया। चोरी का विरोध करने पर दबंगों द्वारा हथियार चमकाने और बाद में मौके पर पहुंची पुलिस द्वारा पीड़ितों के साथ ही अभद्रता किए जाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस घटनाक्रम के बाद से आदिवासी समाज और ग्रामीणों में पुलिस प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है। न्याय की गुहार लेकर पीड़ित परिवार और समाज के लोग अनुसूचित जाति-जनजाति (AJK) थाने पहुंचे हैं।
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बैटरी चोरी का विरोध करने पर चमकाए चाकू और तलवार
जानकारी के अनुसार, ग्राम गहाल में एक आदिवासी युवक की मोटरसाइकिल से बैटरी चोरी होने का मामला सामने आया। ग्रामीणों का आरोप है कि शाहरुख खान और मधु लुनिया ने इस चोरी को अंजाम दिया था। जब पीड़ित आदिवासी परिवार ने इस बात का विरोध किया, तो विवाद अचानक बेहद उग्र हो गया। देखते ही देखते गांव में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोग खुलेआम चाकू और तलवारें लेकर मौके पर पहुंच गए, जिससे पूरे गांव में दहशत और भय का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही सिराली थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करते हुए कई लोगों को हिरासत में लेकर थाने आए।
असली आरोपियों को छोड़ा, हमें रातभर थाने में पीटते रहे- आदिवासी महिलाएं
इस पूरे मामले में असली मोड़ तब आया जब पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट आदिवासी महिलाएं खुद पुलिस के खिलाफ लामबंद हो गईं। पीड़ित महिलाओं ने सिराली पुलिस की कार्यप्रणाली पर बेहद गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
महिलाओं का आरोप है कि पुलिस ने बिना किसी आरोप के उन्हें रातभर थाने में जबरन बैठाए रखा। इतना ही नहीं महिलाओं ने थाना प्रभारी और पुलिस स्टाफ पर अभद्र व्यवहार करने, गंदी-गंदी गालियां देने और मारपीट करने के संगीन आरोप लगाए हैं। महिलाओं का कहना है कि जिन लोगों पर चोरी करने और हथियार चमकाने के सीधे आरोप थे, उन्हें पुलिस ने रात करीब 4 बजे ही साठगांठ कर छोड़ दिया। जबकि निर्दोष महिलाओं और उनके परिवारजनों को रातभर प्रताड़ित किया गया।
आजाक थाने पहुंची शिकायत, थाना प्रभारी को हटाने की मांग
पुलिस के इस कथित एकतरफा और दमनकारी रवैये के बाद गांव में खाकी के प्रति भारी नाराजगी है। आदिवासी समाज और ग्रामीणों ने एकजुट होकर हरदा स्थित अनुसूचित जाति जनजाति थाना (AJK) में मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
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ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सिराली पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय दबाव में आकर पूरे मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की है। आदिवासी समाज के नेताओं ने मांग की है कि पीड़ित महिलाओं के सम्मान के साथ खिलवाड़ करने वाले सिराली थाना प्रभारी सहित पूरे थाना स्टाफ को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए और मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए। समाज ने चेतावनी दी है कि आदिवासी परिवारों और महिलाओं के साथ यह अन्याय किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

