राउज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज जितेंद्र सिंह ने मानहानि से जुड़े एक मामले में भाजपा विधायक करनैल सिंह की ओर से दायर रिविजन याचिका पर सत्येंद्र जैन (Satyendar Jain) को नोटिस जारी किया है। यह याचिका करनैल सिंह द्वारा उस आदेश को चुनौती देने के लिए दायर की गई है, जिसमें ट्रायल कोर्ट ने मामले का संज्ञान लिया था। याचिकाकर्ता का कहना है कि निचली अदालत का यह फैसला गलत है और इसे रद्द किया जाना चाहिए। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ट्रायल कोर्ट का पूरा रिकॉर्ड भी तलब किया है। इस प्रकरण में अगली सुनवाई 28 जुलाई को निर्धारित की गई है।

मानहानि मामले में पुराना इंटरव्यू बना विवाद की वजह

यह  मामला पिछले वर्ष दिए गए एक टीवी इंटरव्यू से जुड़ा हुआ है, जिसने अब कानूनी रूप ले लिया है। जानकारी के अनुसार, राउज एवेन्यू कोर्ट ने 29 मई को करनैल सिंह के खिलाफ दायर मानहानि शिकायत पर संज्ञान लिया था। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि करनैल सिंह ने 19 जनवरी 2025 को एक समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू में सत्येंद्र जैन के खिलाफ आपत्तिजनक और मानहानिकारक बयान दिए थे। अदालत ने संज्ञान लेते हुए माना था कि मामले में आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं। इसके बाद कोर्ट ने करनैल सिंह को 6 जून को पेश होने का निर्देश दिया था। अब इस मामले में भाजपा विधायक की ओर से संज्ञान लेने के फैसले को चुनौती दी गई है, जिस पर अदालत ने अगली सुनवाई 28 जुलाई तय की है। साथ ही ट्रायल कोर्ट का पूरा रिकॉर्ड भी तलब किया गया है, ताकि मामले की विस्तृत समीक्षा की जा सके।

बयान देने में बरती गई लापरवाही पर सवाल

अदालत ने माना था कि दोनों पक्ष एक ही निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे थे, ऐसे में उन्हें एक-दूसरे के खिलाफ बयान देते समय अधिक सावधानी और जिम्मेदारी बरतनी चाहिए थी। अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि आरोपी ने पहले मीडिया के सामने बयान दिया और बाद में मीडिया कर्मियों से यह आग्रह किया कि इसे प्रकाशित करने से पहले सावधानी बरती जाए। इससे बयान की विश्वसनीयता और मंशा पर सवाल उठते हैं। एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (ACJM) पारस दलाल ने 29 मई के आदेश में यह भी कहा था कि आरोपी ने इंटरव्यू देने से पहले तथ्यों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करने का प्रयास नहीं किया। अदालत के अनुसार, शिकायत में किए गए दावों की पुष्टि किसी भी ED बयान, प्रेस रिलीज या सार्वजनिक रिकॉर्ड से नहीं होती है।

अदालत ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि आरोपी ने अपने तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर बयान दिया था, हालांकि इसकी पुष्टि ट्रायल के दौरान की जाएगी। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में आरोपी की मानसिक स्थिति (mens rea) भी ट्रायल का विषय होगी। इसके साथ ही यह भी देखा जाएगा कि संबंधित बयान आपराधिक मानहानि के किसी कानूनी अपवाद के अंतर्गत आता है या नहीं। मामले में पहले निचली अदालत ने शिकायत पर संज्ञान लिया था, जिसे भाजपा विधायक करनैल सिंह ने सेशंस कोर्ट में चुनौती दी थी। रिवीजन याचिका पर सुनवाई के बाद सेशंस कोर्ट ने 30 अप्रैल को संज्ञान लेने के आदेश को रद्द कर दिया था।

मानहानि मामले में जैन ने लगाए गंभीर आरोप

आम आदमी पार्टी नेता और पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन ने भाजपा विधायक करनैल सिंह के खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 19 जनवरी 2025 को एक समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू के दौरान उनके खिलाफ झूठे और अपमानजनक बयान दिए गए। शिकायत के अनुसार, करनैल सिंह ने दावा किया था कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जैन के घर से 37 किलो सोना बरामद किया है और उनके नाम पर 1100 एकड़ जमीन है। इसके अलावा यह भी कहा गया कि जैन ने कथित तौर पर भ्रष्टाचार कर संपत्ति अर्जित की है, जो जनता के पैसे का दुरुपयोग है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपी ने जैन को “भू-माफिया” बताया और यह दावा किया कि वे “फिर जेल जाएंगे”। जैन का आरोप है कि ये सभी बयान तथ्यहीन, भ्रामक और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने वाले हैं। इन्हीं आरोपों को लेकर अदालत में मानहानि का मामला विचाराधीन है, जिसमें आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

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