शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत मिस्ट्री मामला एक बार फिर गर्मा गया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब दोनों पक्ष कानूनी लड़ाई में पूरी तरह आमने-सामने आ गए हैं। हाल ही में कोर्ट में दोनों पक्षों की ओर से तीन नए आवेदन पेश किए गए हैं, जिसके बाद कॉल रिकॉर्ड्स और बैंक स्टेटमेंट्स को लेकर कानूनी खींचतान तेज हो गई है।
CCTV और कॉल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग
ट्विशा शर्मा के वकील की ओर से कोर्ट में एक अहम आवेदन लगाया गया है। इस आवेदन में मांग की गई है कि-12 मई से 20 मई के बीच आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह के कॉल रिकॉर्ड्स (CDR) को खंगाला और सुरक्षित किया जाए। एम्स (AIIMS) में ट्विशा के पोस्टमार्टम के समय के सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने की गुहार लगाई गई है, ताकि जांच प्रभावित न हो सके। इससे पहले ट्विशा के परिवार ने गिरिबाला सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक लिस्ट भी जारी की थी, जिसमें दावा किया गया था कि घटना के बाद गिरिबाला ने 46 प्रभावशाली लोगों को कॉल किए थे।
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गिरिबाला सिंह के वकील ने भी लगाए दो आवेदन
वहीं दूसरी ओर, आरोपी गिरिबाला सिंह के वकील ने भी कोर्ट में दो जवाबी आवेदन दाखिल कर ट्विशा के परिवार को घेरने की कोशिश की है। इन आवेदनों में मांग की गई है कि ट्विशा शर्मा के परिजनों के कॉल रिकॉर्ड्स निकलवाए जाएं। ट्विशा शर्मा के ट्यूशन और बैंक खातों के स्टेटमेंट सामने लाए जाएं।
7 लाख रुपये के लेनदेन का दावा
गिरिबाला सिंह शुरुआत से ही लगातार यह दावा करती आ रही हैं कि उन्होंने ट्विशा शर्मा के खाते में करीब 7 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। इसी लेनदेन की सच्चाई और पैसों के रूट का पता लगाने के लिए अब बैंक स्टेटमेंट निकलवाने की मांग की जा रही है। कोर्ट में दाखिल इन तीन नए आवेदनों के बाद स्पष्ट है कि मामला अब पूरी तरह डिजिटल और फाइनेंशियल एविडेंस (साक्ष्यों) पर टिक गया है। जहां एक तरफ ट्विशा का परिवार इसे रसूखदारों के दबाव और साजिश से जोड़कर देख रहा है, वहीं दूसरी तरफ आरोपी पक्ष आर्थिक लेनदेन और पारिवारिक बातचीत को ढाल बना रहा है। अब गेंद कोर्ट के पाले में है कि वह इन आवेदनों पर क्या फैसला सुनाती है।
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