राकेश चतुर्वेदी/ शब्बीर अहमद, भोपाल। ट्विशा शर्मा की मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। हाई प्रोफाइल केस में अब केंद्रीय गृह मंत्रालय भी शामिल हो गया है। दरअसल, ट्विशा के पति समर्थ सिंह जमानत याचिका खारिज होने के बाद से पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। जिसके बाद पुलिस को आशंका है कि वह विदेश भाग गया है। वहीं सुसाइड केस में इस्तेमाल की गई बेल्ट की रिपोर्ट भी सामने आई है।

ट्विशा सुसाइड केस में पति आरोपी

ट्विशा के पति समर्थ सिंह को सुसाइड केस में आरोपी बनाया गया है। उसने अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। डीसीपी जोन 2 ने पिछले दिनों उस पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित करते हुए लुक आउट नोटिस जारी किया था। पुलिस को उसके देश से बाहर भागने की आशंका है जिसके चलते लुक आउट नोटिस जारी हुआ है। 

ट्विशा के पति समर्थ का पासपोर्ट रद्द करवाने कार्रवाई शुरू

भोपाल पुलिस ने केंद्रीय गृह मंत्रालय की मिनिस्ट्री आफ इमीग्रेशन को पत्र लिखा है। भोपाल पुलिस ने समर्थ सिंह का पासपोर्ट रद्द करवाने के लिए पासपोर्ट कार्यालय के साथ कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस की 6 टीमें समर्थ की तलाशी में जुटी हुई हैं।

ट्विशा के सुसाइड में इस्तेमाल किए गए बेल्ट की आई रिपोर्ट

ट्विशा सुसाइड केस में इस्तेमाल की गई बेल्ट की रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि उसी बेल्ट से ट्विशा की मौत हुई है। लिगेचर रिपोर्ट में भी ट्विशा की मौत को आत्महत्या बताया गया। बता दें कि इससे पहले लिगेचर (फंदे का बेल्ट) के साथ पोस्टमार्टम नहीं हुआ था। दो दिन पहले पुलिस ने आत्महत्या में इस्तेमाल हुआ बेल्ट दिया था। 

ट्विशा के शरीर पर चोटों के निशान

भोपाल एम्स की शॉर्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बॉडी पर मल्टीपल चोटों के निशानों का जिक्र है। ट्विशा के परिजन शुरुआत से हत्या की आशंका जता रहे हैं। वहीं, ट्विशा की सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और उनके वकील इनोश जॉर्ज कार्लो ने रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं।

‘सेंसेशन फैलाने के इरादे से तैयार की गई रिपोर्ट’

उनका कहना है कि रिपोर्ट केवल सेंसेशन फैलाने के इरादे से तैयार की गई है। रिपोर्ट में चोटों का जिक्र है, लेकिन कहां और कितनी चोट हैं, यह स्पष्ट नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि सेकेंड पोस्टमॉर्टम या किसी भी एजेंसी से जांच कराने पर हमें कोई ऐतराज नहीं है। हम जांच में सहयोग करेंगे।

इस मामले में पुलिस जांच पर सवाल उठ रहे हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार जिस बेल्ट से फांसी लगाने की बात कही गई थी, उसे जांच अधिकारी पोस्टमॉर्टम के समय एम्स भोपाल नहीं ले गए थे। बाद में बेल्ट जांच के लिए सौंपी गई, लेकिन डॉक्टर कथित फांसी के साधन और गर्दन के निशानों का वैज्ञानिक परीक्षण नहीं कर सके।

पोस्टमॉर्टम में हुई चूक के बाद ट्विशा के परिजन ने मामले की जांच मध्य प्रदेश से बाहर किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने और दिल्ली एम्स में दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग की है। इसी वजह से मौत के आठ दिन बाद भी परिजन बॉडी लेने और अंतिम संस्कार के लिए तैयार नहीं हैं।

परिजन का कहना है कि बेल्ट उपलब्ध नहीं होने से डॉक्टर यह तय नहीं कर सके कि फांसी किस चीज से लगाई गई थी। गर्दन के मार्क्स का सही मिलान और माप भी नहीं हो पाया। इस बीच, पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका सोमवार को खारिज कर दी गई थी।

पौधे पसंद थे मगर पानी नहीं देती थी: सास

ट्विशा की सास और पूर्व जज ग‍िर‍िबाला ने उसे लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि जब हम उसे देखने गए थे तब वह कहती थी कि मुझे पौधे बहुत पसंद थे। मुझे बच्चे बहुत पसंद हैं, मैं कम से कम 4 बच्चे करूंगी। लेकिन जब मैं वॉक कर सुबह आती थी तो वह कभी पौधों में पानी नहीं डालती थी। जब पुलिस ने हमें बंद किया था तब भी मुझे पौधे में पानी डालना होता था वरना वे मर जाते। एक तरफ पौधे अच्‍छे लगते हैं, लेक‍िन पौधों की देखरेख नहीं करनी। दूसरी तरफ बच्‍चे अच्‍छे लगते हैं, लेक‍िन बच्‍चे पैदा नहीं करना। खाना बनाना अच्‍छा लगता है, लेक‍िन वो भी नहीं। 

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