राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। मध्य प्रदेश में तबादलों पर लगा बैन हट सकता हैं। तबादला नीति का ड्राफ्ट तैयार हो गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने मुख्यमंत्री सचिवालय को प्रस्ताव भेजा है। 20 मई बुधवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में प्रस्ताव आ सकता है। बताया जा रहा है कि तबादला नीति 2026 को मंजूरी मिल सकती है। इस नीति में स्वैच्छिक और प्रशासनिक तबादलों के लिए अलग-अलग व्यवस्था होने की संभावना है।
मध्य प्रदेश में डॉ मोहन कैबिनेट की बैठक 20 मई बुधवार को आयोजित की जाएगी। जिसमें तबादला नीति 2026 का प्रस्ताव पेश किया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसका ड्राफ्ट तैयार कर लिया। जिसे मुख्यमंत्री सचिवालय को भेजा जा चुका हैं। बताया जा रहा है कि कैबिनेट की बैठक में इसे मंजूरी मिल सकती है।
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जिलों में प्रभारी मंत्री और कलेक्टर को रहेगी पावर
इस तबादला नीति के प्रस्तावों में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को जिले के अंदर प्रभारी मंत्रियों और कलेक्टरों के जरिए स्थानांतरित किया जाएगा। प्रभारी मंत्री के अनुमोदन के बाद कलेक्टर तबादला सूची जारी करेंगे। वहीं प्रथम श्रेणी के अफसरों के ट्रांसफर के लिए मुख्यमंत्री की मंजूरी अनिवार्य होगी। यह भी बताते चले कि प्रस्तावित नीति में बीते एक साल के अंदर ट्रांसफर किए गए कर्मचारियों का सामान्य परिस्थितियों में दोबारा तबादला नहीं किया जाएगा।
वर्चुअल होगी मीटिंग
मोहन कैबिनेट की यह बैठक वर्चुअल होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत और डिजिटल मीटिंग्स की अपील के बाद डॉ मोहन सरकार ने यह फैसला लिया है। यानी इस बार मंत्रालय की कैबिनेट बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी। एमपी में सरकारी बैठकों में फिजिकल मूवमेंट और काफिले को कम करने पर जोर दिया जा रहा है।

