चंडीगढ़। भ्रष्टाचार के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति अपनाते हुए, विजीलैंस ब्यूरो ने इम्प्रूवमैंट ट्रस्ट रोपड़ में तैनात क्लर्क प्रवीण कुमार और उनके सह-आरोपी जूनियर इंजीनियर सतीश कुमार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। मुकद्दमे की सुनवाई पूरी होने के बाद, आज सक्षम अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 4 वर्ष के कारावास तथा 20,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।
आज यहां इस संबंध में जानकारी देते हुए विजीलैंस ब्यूरो के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि आरोपित जूनियर इंजीनियर और क्लर्क ने शिकायतकर्ता से उसकी संपत्ति की बिक्री विलेख (सेल डीड) का पंजीकरण कराने के एवज में 15,000 रुपए की रिश्वत की मांग की थी। उन्होंने आगे बताया कि शिकायतकर्ता ने रिश्वत की राशि किस्तों में दी और अंतिम किस्त देने से पहले विजीलैंस ब्यूरो से संपर्क किया। शिकायत के आधार पर विजीलैंस ब्यूरो ने जाल बिछाया और इम्प्रूवमैंट ट्रस्ट रोपड़ के कार्यालय में छापेमारी की गई।

इस दौरान सह-आरोपी प्रवीन कुमार के कब्जे से 7,500 रुपए की रिश्वत राशि सरकारी अधिकारियों/गवाहों की मौजूदगी में बरामद की गई।
- नितिन नबीन का उत्तराखंड दौरा, महालक्ष्मी अष्टभुजा मंदिर में की पूजा-अर्चना
- युवाओं को साधने का मास्टरस्ट्रोक? ‘आउटसोर्स व्यवस्था खत्म होगी, सबको मिलेगी पक्की नौकरी’, 2027 से पहले अखिलेश का बड़ा ऐलान
- अमृतसर में बैंक लूट की कोशिश नाकाम, स्प्रे लेकर पहुंचे 5 नकाबपोश; गार्ड को देखते ही भागे बदमाश
- बिहार कांग्रेस में बगावत पर बड़ा एक्शन, प्रदर्शन में शामिल 29 नेताओं को थमाया गया कारण बताओ नोटिस
- गेट बाजार फ्लाईओवर निर्माण पर बढ़ा विवाद: सांसद प्रदीप पाणिग्रही के पत्र के बाद जांच के आदेश


