चंडीगढ़। भ्रष्टाचार के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति अपनाते हुए, विजीलैंस ब्यूरो ने इम्प्रूवमैंट ट्रस्ट रोपड़ में तैनात क्लर्क प्रवीण कुमार और उनके सह-आरोपी जूनियर इंजीनियर सतीश कुमार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। मुकद्दमे की सुनवाई पूरी होने के बाद, आज सक्षम अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 4 वर्ष के कारावास तथा 20,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।
आज यहां इस संबंध में जानकारी देते हुए विजीलैंस ब्यूरो के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि आरोपित जूनियर इंजीनियर और क्लर्क ने शिकायतकर्ता से उसकी संपत्ति की बिक्री विलेख (सेल डीड) का पंजीकरण कराने के एवज में 15,000 रुपए की रिश्वत की मांग की थी। उन्होंने आगे बताया कि शिकायतकर्ता ने रिश्वत की राशि किस्तों में दी और अंतिम किस्त देने से पहले विजीलैंस ब्यूरो से संपर्क किया। शिकायत के आधार पर विजीलैंस ब्यूरो ने जाल बिछाया और इम्प्रूवमैंट ट्रस्ट रोपड़ के कार्यालय में छापेमारी की गई।

इस दौरान सह-आरोपी प्रवीन कुमार के कब्जे से 7,500 रुपए की रिश्वत राशि सरकारी अधिकारियों/गवाहों की मौजूदगी में बरामद की गई।
- नाबालिग से शादी का वादा, होटल में दुष्कर्म और फिर गर्भपात! डॉक्टर-परिजनों समेत 6 पर केस दर्ज; 5 हिरासत में
- नगरीय निकाय चुनाव 2026 : नगर निगम भिलाई-चरोदा के 40 वार्डों का हुआ आरक्षण, महिलाओं के लिए 14 वार्ड आरक्षित, जानिए पूरी डिटेल…
- खबर का असर: निसदा की 7 खदानों पर बड़ी कार्रवाई, खनिज विभाग ने 30.30 करोड़ रुपये का लगाया जुर्माना, लाइसेंस रद्द कर खदान किया सील
- राहुल गांधी जी…इनकी कौन सुनेगा? बाढ़ पीड़ित अपनी समस्या बताने का करते रहे इंतजार, नहीं रुका नेता विपक्ष का काफिला
- रीवा मेडिकल कॉलेज मामला: विधायक अभय मिश्रा के आरोपों का उमंग सिंघार ने किया समर्थन, कहा– ‘सरकार तत्काल कराए जांच’


