बालासोर : विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की चार सदस्यीय तथ्यान्वेषी टीम शुक्रवार को फकीर मोहन स्वायत्तशासी महाविद्यालय पहुँची, जहाँ 12 जुलाई को एक छात्रा ने आत्मदाह कर लिया।
इंटीग्रेटेड बीएड द्वितीय वर्ष की छात्रा सौम्याश्री ने कथित तौर पर एक कॉलेज शिक्षक द्वारा यौन उत्पीड़न की अपनी शिकायत पर ध्यान न दिए जाने के बाद यह कदम उठाया। बाद में 14 जुलाई को उसकी मौत हो गई।
गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर राज कुमार मित्तल की अध्यक्षता वाली यह समिति दो दिवसीय जाँच करेगी। इसके सदस्यों में पूर्व यूजीसी सदस्य सुषमा यादव, गुजरात विश्वविद्यालय की कुलपति नीरजा गुप्ता और यूजीसी की संयुक्त सचिव आशिमा मंगला शामिल हैं।
टीम के एजेंडे में प्राचार्य प्रोफेसर फिरोज पाढ़ी, आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) के सदस्यों, छात्रों और कर्मचारियों के साथ चर्चा शामिल है।

वे विशेष रूप से यौन उत्पीड़न की रोकथाम और निवारण के लिए यूजीसी के नियमों के साथ-साथ छात्राओं की सुरक्षा और कल्याण नीतियों के वास्तविक कार्यान्वयन के कॉलेज द्वारा अनुपालन का आकलन करेंगे। घटना के बाद आरोपी व्याख्याता समीर कुमार साहू को गिरफ्तार कर लिया गया।
यूजीसी समिति को भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए एक सप्ताह के भीतर निष्कर्षों और सिफारिशों के साथ एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
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