प्रदीप मालवीय, उज्जैन। उज्जैन कृषि उपज मंडी में किसानों के साथ धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। जहां एक ‘फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन’ (FPO) ने गेहूं की तुलाई के दौरान वजन में भारी गड़बड़ी पकड़ी है। वहीं लाइसेंस निरस्त करने और एफआईआर की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
ताजपुर के किसान इदरीस खान ने जब संस्था के कांटे पर अपनी चार बोरी गेहूं तुलवाई, तो वजन मात्र 300 किलो निकला। संदेह होने पर जब उन्होंने दूसरे कांटे पर दोबारा जांच कराई, तो वही माल 384 किलो निकला। यानी महज चार बोरियों में ही 84 किलो करीब 21 किलो प्रति बोरी का अंतर पाया गया।
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इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब किसान ने मंडी परिसर से बाहर ले जाकर माल तौलने की शर्त पर आपत्ति जताई। जांच में पता चला कि कांटे पर खड़े होने की जगह बदलने मात्र से वजन में 21 किलो तक का फर्क आ रहा था। इस धांधली का वीडियो साक्ष्य मिलने के बाद मंडी सचिव राजेश गोयल ने सख्त रुख अपनाते हुए विवादित कांटे को जब्त कर लिया है।
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संबंधित फर्म के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और उसका लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। आशंका जताई जा रही है कि पिछले कई दिनों से अन्य किसानों के साथ भी इसी तरह की लूट की जा रही थी।

