प्रदीप मालवीय, उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर के भक्तों के लिए बड़ी और खुशखबरी सामने आई है। महाकाल मंदिर प्रबंधन ने अपनी प्रसाद और अन्नक्षेत्र व्यवस्था में एक ऐतिहासिक बदलाव किया है। मंदिर में अब पहली बार दक्षिण भारतीय व्यंजनों को प्रसाद के रूप में शामिल करने का निर्णय लिया गया है।
हफ्ते में 2 दिन मिलेगा इडली-सांभर, स्टीम राइस और पोंगल
महाकाल मंदिर प्रबंध समिति द्वारा बनाई गई नई व्यवस्था इसी सप्ताह से लागू होने जा रही है। मंदिर समिति का मुख्य उद्देश्य देशभर से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को विविध प्रकार का सात्विक और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है।
नई व्यवस्था के तहत हर मंगलवार और शुक्रवार को अन्नक्षेत्र में भक्तों को इडली, सांभर, स्टीम राइस और दक्षिण भारतीय पोंगल का प्रसाद वितरित किया जाएगा।
अब तक महाकाल मंदिर के अन्नक्षेत्र में मुख्य रूप से मालवी व्यंजन, दाल-बाटी और लड्डू का प्रसाद ही मिलता था। लेकिन उज्जैन पहुँचने वाले दक्षिण भारत के हजारों श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है, जिससे उन्हें घर जैसा सात्विक भोजन मिल सके।

गुणवत्ता और स्वच्छता का रखा जाएगा विशेष ध्यान
मंदिर प्रशासन के अनुसार प्रसाद की तैयारी में गुणवत्ता, स्वाद और स्वच्छता का शत-प्रतिशत ध्यान रखा जाएगा। महाकाल मंदिर में पहले से ही विशाल निःशुल्क अन्नक्षेत्र का संचालन होता है, जहां रोजाना हजारों भक्त भोजन प्रसादी ग्रहण करते हैं। अब दक्षिण भारतीय प्रसाद जुड़ने से महाकाल की नगरी में भोजन प्रसादी की विविधता और बढ़ गई है।

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