देहरादून. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-121 (नया राष्ट्रीय राजमार्ग-309) पर धनगढ़ी नाले के ऊपर 29.65 करोड़ की लागत से निर्मित 220.90 मीटर लंबे प्री-स्ट्रेस्ड गर्डर सेतु का लोकार्पण कर इसे जनता को समर्पित किया. यह राष्ट्रीय राजमार्ग काशीपुर-रामनगर-मार्चुला-बुवाखाल मार्ग पर स्थित है, जो कुमाऊं एवं गढ़वाल मंडलों को जोड़ने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है. यह विश्व प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान का प्रमुख प्रवेश द्वार होने के साथ-साथ नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चम्पावत और पौड़ी गढ़वाल सहित लाखों लोगों के दैनिक आवागमन, व्यापार, पर्यटन एवं आवश्यक सेवाओं की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है.
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धनगढ़ी नाले में बरसात के दौरान जलस्तर बढ़ जाने से मार्ग अकसर बाधित हो जाता था, जिससे आमजन, पर्यटकों तथा आपातकालीन सेवाओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था. नव निर्मित सेतु के निर्माण से इस समस्या का स्थायी समाधान हुआ है. इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि धनगढ़ी सेतु का लोकार्पण केवल एक पुल का उद्घाटन नहीं, बल्कि क्षेत्रवासियों के वर्षों के संघर्ष, धैर्य और अपेक्षाओं की सार्थक परिणति है. बरसात के दौरान धनगढ़ी नाले में जलस्तर बढ़ने से मार्ग अवरुद्ध हो जाता था, जिससे जनजीवन, व्यापार, पर्यटन और आपातकालीन सेवाएं प्रभावित होती थीं. इसी समस्या के स्थायी समाधान के उद्देश्य से राज्य सरकार ने इस परियोजना को प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध ढंग से पूरा कराया है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि धनगढ़ी सेतु सम्पूर्ण उत्तराखण्ड का महत्वपूर्ण पुल है, जो कुमाऊँ एवं गढ़वाल मंडलों को सुदृढ़ रूप से जोड़ता है. इस सेतु के निर्माण से दोनों मंडलों के बीच आवागमन अधिक सुरक्षित एवं सुगम होगा और पर्यटन, व्यापार, स्थानीय अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी. राज्य सरकार ने “सेवा, सुशासन और विकास” के पाँच वर्ष पूर्ण करते हुए प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र तक विकास पहुँचाने का कार्य किया है. सरकार की प्राथमिकता अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है. इसी सोच के अनुरूप राज्य में आधुनिक सड़कें, मजबूत पुल, विस्तृत रेल नेटवर्क, रोपवे, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन तथा सीमांत क्षेत्रों के विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं.
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मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की कार्यसंस्कृति “सरलीकरण, समाधान, निस्तारण एवं संतुष्टि” पर आधारित है. इसी के अनुरूप जिन योजनाओं का शिलान्यास किया जाता है, उनका समयबद्ध ढंग से निर्माण पूर्ण कर लोकार्पण भी सुनिश्चित किया जाता है, ताकि जनता को शीघ्र लाभ मिल सके. धनगढ़ी सेतु के निकट लगभग 18.43 करोड़ की लागत से निर्मित 175.60 मीटर लंबे पनौद पुल का निर्माण कार्य भी लगभग पूर्ण हो चुका है. वर्तमान में इस पुल पर यातायात संचालित हो रहा है और डामरीकरण का अंतिम कार्य शीघ्र पूर्ण कर इसे भी जनता को समर्पित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि धनगढ़ी और पनौद पुल इस पूरे क्षेत्र के विकास की मजबूत आधारशिला सिद्ध होंगे.
मुख्यमंत्री ने रामनगर क्षेत्र के वन खत्तों में निवासरत परिवारों की समस्याओं पर भी उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया. उन्होंने यह भी अवगत कराया कि रामनगर-रानीखेत मोटर मार्ग सहित अन्य महत्वपूर्ण मोटर मार्गों के चौड़ीकरण के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार में प्रस्ताव प्रेषित किए जा चुके हैं और आवश्यक कार्यवाही प्रगति पर है. इस अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि धनगढ़ी सेतु के निर्माण से वर्षभर सुरक्षित एवं निर्बाध यातायात सुनिश्चित होगा.

