देहरादून. सरकारी जमीनों को औने-पौने दामों पर बेचने का आऱोप लगाते हुए गणेश गोदियाल ने धामी सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि यह जमीन खरीदने का मामला नहीं, बल्कि सरकारी जमीनों को लुटाने का मामला है. प्रदेश के संसाधनों, युवाओं के अवसरों, सरकारी नौकरियों, नदियों, जंगलों और जमीनों को सरकार बेचना चाहती है. ऐसा लगता है कि भाजपा नेताओं को यह अपना आखिरी चुनाव और आखिरी सरकार लग रही है, इसलिए वे जितना समेट सकते हैं, समेटने में लगे हैं.

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आगे उन्होंने कहा कि मुख्य विपक्षी दल होने के नाते हमारा राजनीतिक और नैतिक कर्तव्य है कि हम प्रदेश के हितों की आवाज उठाएं. इसी के तहत कल 11 स्थानों पर उन जमीनों के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिन्हें सरकार ने उत्तराखंड के हितों की अनदेखी कर अपने चहेते लोगों को औने-पौने दामों पर दिया है.

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आगे उन्होंने ये भी कहा कि सरकार ने उत्तराखंड को तेजी से बेचने के लिए नए विभागों तक का सृजन किया है. हम सरकार की इस नीति का पुरजोर विरोध करते हैं. सरकार अलग-अलग जमीनों और संपत्तियों की अलग-अलग मार्केट वैल्यू होने के बावजूद उन्हें अपने चहेते लोगों को औने-पौने दामों पर दे रही है.