देहरादून. 19 अप्रैल से चारधाम की यात्रा शुरू हो चुकी है. अब तक कई लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं. ऐसे में यात्रा में यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर पूर्व सीएम हरीश रावत ने सवाल खड़े करते हुए धामी सरकार पर हमला बोला है. साथ ही स्थानीय लोगों के हितों को नजर अंदाज करने की बात कही है.

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हरीश रावत ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, चारधाम यात्रा पूरे जोश में है. इसमें दो बातों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए. पहला, यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं, तथा दूसरा स्थानीय लोगों के हित. दुर्भाग्य से इस समय इन दोनों विषयों के साथ गंभीर समझौता और खिलवाड़ होता दिखाई दे रहा है.

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आगे उन्होंने कहा, वर्ष 2015-16 में जब हमें लगा कि व्यवस्थाएं पटरी पर आ रही हैं, तब हमने यात्रियों के लिए यह अनिवार्य किया था कि वे उत्तराखंड के बेस कैंपों में कम-से-कम 2 दिन प्रवास करें, ताकि वे यहां की जलवायु के साथ स्वयं को अनुकूलित (Acclimatize) कर सकें. साथ ही यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रात में वाहनों का संचालन पूरी तरह बंद किया गया था. इसके अतिरिक्त भी अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए थे, जिनका उद्देश्य यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और स्थानीय हितों के अनुरूप बनाना था.