पंकज श्रीवास्तव/छपरा। शहर स्थित लोकनायक जय प्रकाश प्रौद्योगिकी संस्थान (LJPIT) के परिसर में शुक्रवार को उस समय भारी तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब संस्थान के पूर्व कर्मचारियों ने अपनी सेवाओं से अचानक हटाए जाने के विरोध में मोर्चा खोल दिया। कर्मचारियों ने कॉलेज परिसर के भीतर हड़ताल कर दी, जिससे संस्थान का दैनिक कामकाज आंशिक रूप से बाधित रहा।
क्या है पूरा मामला?
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का आरोप है कि संस्थान प्रशासन ने उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना या कारण बताओ नोटिस दिए अचानक कार्यमुक्त कर दिया है। वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे इन कर्मचारियों का कहना है कि प्रशासन का यह निर्णय पूरी तरह से एकतरफा और मनमाना है। अचानक नौकरी से हटाए जाने के कारण इन लोगों के सामने अपने परिवार के भरण-पोषण और जीविकोपार्जन का गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
बहाली से कम कुछ भी मंजूर नहीं
प्रदर्शन स्थल पर आक्रोशित कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए अपनी तत्काल बहाली की मांग की। एक कर्मचारी ने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए कहा हम वर्षों से संस्थान के लिए समर्पित रहे हैं। हमारी कड़ी मेहनत के बदले हमें यह इनाम मिला है कि बिना किसी ठोस आधार के हमें घर बैठा दिया गया। यह अन्याय है और इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कर्मचारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक प्रशासन उन्हें पुनः सेवा में बहाल नहीं करता तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
प्रशासन की चुप्पी और आंदोलन की चेतावनी
हड़ताल के चलते कॉलेज परिसर में अफरातफरी का माहौल रहा। सुरक्षा के दृष्टिकोण से मौके पर स्थिति पर नजर रखी गई। खबर लिखे जाने तक संस्थान प्रशासन की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। दूसरी ओर, प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही वार्ता शुरू नहीं की और उनकी मांगों को नहीं माना, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और अधिक उग्र हो जाएगा। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस गतिरोध को समाप्त करने के लिए क्या कदम उठाता है।

