पटना के पुनाईचक इलाके में 11 जुलाई को हुई 7वीं कक्षा के छात्र आयुष सिंह (12) की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने एक महीने बाद बड़ा खुलासा किया है। शुरुआती जांच में जहां इसे महज एक आत्महत्या माना जा रहा था, वहीं अब यह मामला साइबर ब्लैकमेलिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के खतरनाक दुरुपयोग का निकला है। पुलिस ने इस मामले में झारखंड के हजारीबाग से मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
फर्जी लड़की की डीपी लगाकर जाल में फंसाया
सचिवालय एसडीपीओ 1 डॉ. अनु कुमारी के अनुसार, मृतक आयुष के मोबाइल फोन की जब तकनीकी जांच की गई, तो यह बात सामने आई कि वह अक्सर एक विशेष नंबर पर बात किया करता था। उस नंबर की प्रोफाइल फोटो (DP) पर एक लड़की की तस्वीर लगी हुई थी।
गहन छानबीन से पता चला कि वह लड़की नहीं, बल्कि हजारीबाग का रहने वाला सुनील साव नाम का एक शातिर साइबर फ्रॉड है। आरोपी ने एआई (AI) तकनीक का इस्तेमाल कर आयुष की न्यूड तस्वीरें तैयार की थीं और उन्हीं तस्वीरों को सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से वायरल करने की धमकी देकर उसे लगातार ब्लैकमेल कर रहा था।
पैसे की मांग और आखिरी बातचीत का सीसीटीवी फुटेज
दबाव और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर नासमझ नाबालिग आयुष ने आरोपी को अपनी जमा-पूंजी से पैसे भी ट्रांसफर किए थे। पिता रंजीत सिंह के मुताबिक, आयुष ने आरोपी को दो बार में कुल 2,500 रुपये (एक बार 1000 और दूसरी बार 1500 रुपये) भेजे थे।
घटना वाले दिन का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें आयुष अपने घर से बाहर निकलते और फोन पर किसी से बात करते हुए मुख्य सड़क की ओर जाते दिखाई दे रहा है। फुटेज को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि वह किसी के आने का इंतजार कर रहा हो। उस वक्त घर पर कोई नहीं था, क्योंकि माता-पिता अपने छोटे बेटे के साथ बाजार गए हुए थे।
परिवार का आरोप: यह आत्महत्या नहीं, बल्कि सोची-समझी हत्या है
आयुष के पिता रंजीत सिंह, जो मूल रूप से वैशाली के रहने वाले हैं और पटना के पुनाईचक (पोस्ट ऑफिस गली) में किराए के मकान में रहकर सिलाई का काम करते हैं, इस थ्योरी पर सवाल उठा रहे हैं। उनका दावा है कि पंखे से फर्श की ऊंचाई बेहद कम है, इसलिए उनका बेटा आत्महत्या नहीं कर सकता।
पिता का आरोप है कि उनके बेटे की गला घोंटकर हत्या की गई है और साक्ष्य छिपाने के लिए शव को फंदे से लटकाया गया है। उनका यह भी मानना है कि आरोपी सुनील साव ने खुद या अपने किसी साथी के जरिए इस घटना को अंजाम दिया है।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
घटना के बाद पिता की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने कॉल डिटेल्स और ट्रांजैक्शन हिस्ट्री खंगालने के बाद 14 अगस्त को मुख्य आरोपी सुनील साव को हजारीबाग से धर दबोचा। 15 अगस्त को पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर पटना लेकर आई, जहां पूछताछ के बाद इस पूरे वीभत्स मामले का पर्दाफाश हुआ। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फंदे से लटकना (हैंगिंग) ही बताया गया है।


