देहरादून. लोकायुक्त की बेंच को लेकर पूर्व सीएम हरीश रावत ने भाजपा पर निशाना साधा है. हरीश रावत ने कहा, माननीय हाईकोर्ट की कृपा से लोकायुक्त का प्रसंग फिर सुर्खियों में है. कांग्रेस गर्व के साथ दावा कर सकती है कि उसकी सरकार ने वर्ष 2016 में सर्वसम्मति अर्थात माननीय हाईकोर्ट के मार्गदर्शन में माननीय नेता प्रतिपक्ष जी के अनुमोदन के साथ लोकायुक्त और उसकी बेंच का चयन कर माननीय राज्यपाल के अनुमोदनार्थ भेजा.
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आगे हरीश रावत ने कहा, भाजपा के कुछ नेताओं द्वारा कुछ बिंदु उठाए जाने पर माननीय राज्यपाल महोदय ने कुछ और विस्तृत जानकारियां मांगी. लोकायुक्त के मामले को जो सचिव महोदय देख रहे थे, उनको स्पष्टीकरणों के साथ राज्यपाल महोदय के पास भेजा गया. बिंदुवार उसमें मांगी गई जानकारियां राज्यपाल महोदय को उपलब्ध करवाई.
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आगे उन्होंने कहा, आग बार-बार स्मरण कराये जाने के बावजूद माननीय राज्यपाल द्वारा अनुशंसित लोकायुक्त और उसकी बेंच को अनुमोदित करने के प्रश्न पर चुप्पी साधी रही और यह सब तत्कालीन केंद्र सरकार के संरक्षण, प्रेरणा या दबाव में किया गया और राज्य को लोकायुक्त की बेंच के गठन से वंचित किया गया. आज राज्य के पास अपना लोकायुक्त और लोकायुक्त की बेंच नहीं है, जिसका समस्त पाप भाजपा के माथे पर है. कांग्रेस ने जिस काम को 3 साल के अंदर पूरा कर दिया, भाजपा उस कार्य को 9 साल में भी पूरा नहीं कर पाई और आगे भी उनका कोई इरादा पूरा करने का लगता नहीं है.

