देहरादून. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशों के क्रम में राज्य में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आज राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) एवं राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की संयुक्त टीम ने उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) का दौरा किया. इस दौरान राज्य में आपदा प्रबंधन की तैयारियों, विभिन्न परियोजनाओं, उपलब्ध संसाधनों तथा भविष्य की आवश्यकताओं की समीक्षा की गई.
NDMA के संयुक्त सलाहकार कर्नल संजीव कुमार शाही ने उत्तराखण्ड के आपदा प्रबंधन मॉडल की सराहना करते हुए इसे उत्कृष्ट एवं देश के अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय मॉडल बताया. उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड ने आपदा जोखिम न्यूनीकरण, पूर्व चेतावनी प्रणाली, संस्थागत समन्वय तथा तकनीक आधारित आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनाया जा सकता है.
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उन्होंने USDMA द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की. उन्होंने राज्य में हाइड्रोमेट नेटवर्क के विस्तार की दिशा में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि समयबद्ध एवं सटीक पूर्व चेतावनी प्रणाली विकसित करने में इसका महत्वपूर्ण योगदान होगा.
उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के कारण ग्लेशियर झीलों से उत्पन्न होने वाला खतरा लगातार बढ़ रहा है. भविष्य में Glacier Lake Outburst Flood एक बड़ी चुनौती बन सकता है, इसलिए यह आवश्यक है कि ग्लेशियर झीलों की निरंतर निगरानी, समय पर पूर्व चेतावनी तथा प्रभावी निकासी व्यवस्था स्थापित की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि इससे किसी भी व्यक्ति की जान न जाए. उन्होंने इस दिशा में NDMA की ओर से हर संभव तकनीकी एवं संस्थागत सहयोग का आश्वासन दिया.
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बैठक में राज्य में NDRF एवं SDRF की वर्तमान क्षमता एवं संसाधनों की भी समीक्षा की गई. संयुक्त सलाहकार ने उत्तराखण्ड की भौगोलिक एवं आपदा संवेदनशील परिस्थितियों को देखते हुए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप NDRF और SDRF की क्षमता तथा संख्या बढ़ाने पर विचार करने की आवश्यकता जताई.
सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने USDMA द्वारा आपदा जोखिम न्यूनीकरण, पूर्व चेतावनी प्रणाली, क्षमता विकास, सामुदायिक सहभागिता, हाइड्रोमेट नेटवर्क विस्तार, तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली, आपदा तैयारी तथा राहत एवं बचाव व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए किए जा रहे विभिन्न कार्यों एवं नवाचारों की विस्तृत जानकारी दी.


