शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्य प्रदेश में ‘विकसित भारत – जी राम जी योजना’ (VB-G RAM G), जो मनरेगा का नया रूप है और ग्रामीणों को 125 दिनों का रोजगार गारंटी देती है, अब विवादों में घिर गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस योजना में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।
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उन्होंने पोस्ट में लिखा कि सिंगरौली जिले में 120 से अधिक AI-जनरेटेड फर्जी मजदूरों की फोटो अपलोड करके भुगतान कराया जा रहा है। मजदूरों से 10% कमीशन वसूला जा रहा है और उन्हें पूरी मजदूरी भी नहीं मिल रही। सिंघार ने इसे भाजपा सरकार के ‘सुशासन’ का पर्दाफाश बताया और कहा कि गरीब मजदूरों का हक छीनने वालों को संरक्षण मिल रहा है, जो सिस्टम की पूरी विफलता है।
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उमंग सिंघार ने आगे लिखा, “भाजपा सिर्फ नाम बदलने की राजनीति कर रही है, लेकिन नाम बदलने से सच्चाई नहीं बदलती। धरातल पर योजनाएं नहीं, जनकोष की लूट हो रही है।” उन्होंने मुख्यमंत्री से विषय पर संज्ञान लेने, उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही मनरेगा (अब जी-रामजी योजना) को लूट का माध्यम नहीं, बल्कि मजदूरों के सम्मान का साधन बनाने की अपील की।

