शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्य प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच अब पानी को लेकर सियासत पूरी तरह गरमा गई है। प्रदेश में गहराते जलसंकट को लेकर विधानसभा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघर ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। सिंघार ने कहा है कि मध्य प्रदेश में आज सबसे बड़ा संकट सिर्फ तपती गर्मी का नहीं बल्कि पानी और जीवन का है। सरकार के बड़े-बड़े दावों के बावजूद जमीन पर स्थिति भायवह है और लोग बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
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जमीन पर सरकारी दावों की खुली पोल
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों का हवाला दिया। इस दौरान सिंघार ने आदिवासी बहुल क्षेत्रों का जिक्र करते हुए कहा कि बुंदेलखंड और महाकौशल से पानी की किल्लत की बेहद डरावनी तस्वीरें सामने आ रही हैं। उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि आज माताएं-बहनें और मासूम बच्चे कई किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर हैं। कई जगहों पर तो हालात इतने बदतर हैं कि छोटे-छोटे बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर गहरे गड्ढों और कुओं में उतरकर पानी निकालने को विवश हैं।
25 हजार करोड़ का बजट फिर भी बूंद-बूंद को तरस रही जनता
नेता प्रतिपक्ष ने सरकारी बजट का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने वर्ष 2024-26 में ‘जल जीवन मिशन’ के लिए लगभग 25 हजार करोड़ रुपये और ‘ग्रामीण जल नल योजना’ के लिए 490 करोड़ रुपये के प्रावधान का भारी-भरकम दावा किया था। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इतना बड़ा बजट गया कहां, क्योंकि जमीन पर जनता आज भी प्यासी है।
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सिंघार ने कसा कर्ज और विज्ञापन पर तंज
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश पर आज 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज लाद दिया गया है लेकिन इसके बावजूद जनता को पीने का साफ पानी तक नसीब नहीं हो रहा है। सरकार सिर्फ प्रचार में व्यस्त है। उन्होंने कहा कि आज जनता को विज्ञापन नहीं, पानी चाहिए। जनता को भाषण नहीं, बल्कि जीने का अधिकार चाहिए। अरबों रुपये खर्च करने के बाद भी अगर लोग प्यासे हैं तो यह सरकार की सबसे बड़ी प्रशासनिक विफलता है।

