संयुक्त राष्ट्र महासभा (UN General Assembly) के जनरल डिबेट में तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन ने एक बार फिर कश्मीर मुद्दे का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कश्मीर विवाद का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए होना चाहिए। एर्दोगन 2019 से 2024 को छोड़कर हर साल संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर का मुद्दा उठा चुके हैं। भारत पहले भी उनकी टिप्पणियों को खारिज करता रहा है।

गाजा युद्ध पर इजराइल की आलोचना

एर्दोगन ने अपने भाषण में फिलिस्तीन और गाजा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया और इजराइल की सैन्य कार्रवाई की कड़ी आलोचना की। उनके भाषण के दौरान इजराइल का प्रतिनिधिमंडल महासभा हॉल से बाहर चला गया।

किंग अब्दुल्ला: ‘मुंबई से मिनेसोटा तक असर’

जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय ने ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच संघर्ष के व्यापक प्रभावों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय युद्ध का असर मध्य-पूर्व तक सीमित नहीं रहता और इसका प्रभाव “मुंबई से मिनेसोटा” तक आम लोगों की जिंदगी और खर्चों पर पड़ सकता है।

ट्रंप के बड़े दावे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने IMO की प्रस्तावित वैश्विक कार्बन टैक्स योजना को रोकने के लिए हस्तक्षेप किया। उन्होंने UN की आर्थिक परेशानियों के लिए अमेरिकी फंडिंग में कटौती को भी जिम्मेदार बताया और दावा किया कि इससे करीब 4,000 कर्मचारियों की नौकरियां प्रभावित हुईं।

ट्रंप ने ग्रीनलैंड में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने और दो बड़े सैन्य अड्डों की योजना का भी उल्लेख किया। साथ ही उन्होंने कहा कि अमेरिका में “कम्युनिज्म” की कोई जगह नहीं होगी और क्यूबा में आजादी आएगी।

UN General Debate क्या है?

हर साल सितंबर में संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देशों के नेता या वरिष्ठ प्रतिनिधि न्यूयॉर्क में जुटते हैं। General Debate में प्रत्येक देश को महासभा के मंच से अपनी प्राथमिकताओं, चुनौतियों और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचार रखने का अवसर मिलता है। यह आमने-सामने होने वाली बहस नहीं है। इसी दौरान देशों के बीच युद्ध, व्यापार, सुरक्षा और कूटनीति से जुड़े कई अहम द्विपक्षीय संवाद भी होते हैं।

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