सतीश सिंह, लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानसभा का चार दिवसीय मानसून सत्र इस बार राजनीतिक टकराव और लगातार हंगामे की वजह से तय समय से पहले ही समाप्त हो गया. 3 अगस्त से शुरू हुआ सत्र 6 अगस्त तक चलना था, लेकिन विपक्ष के लगातार विरोध और कार्यवाही बाधित होने के कारण 5 अगस्त को ही विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने इसे अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया.

सत्र समाप्त होने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानभवन परिसर में प्रेस वार्ता कर समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला और कहा कि विपक्ष ने लोकतंत्र की मर्यादा को ठेस पहुंचाई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा जनता की समस्याओं के समाधान और विकास योजनाओं पर चर्चा का मंच है, लेकिन विपक्ष ने इसे राजनीतिक विरोध का अखाड़ा बना दिया. उनका आरोप था कि समाजवादी पार्टी ने युवाओं, किसानों, महिलाओं, गरीबों और कर्मचारियों के हितों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा तक नहीं होने दी.

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’59 हजार करोड़ के बजट पर चर्चा से भागी सपा’

सीएम योगी ने कहा कि सरकार 59 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट लेकर सदन में आई थी. इस बजट में युवाओं के लिए रोजगार और स्किल डेवलपमेंट, किसानों के लिए नई योजनाएं, महिलाओं के सशक्तिकरण, गरीबों के कल्याण और आधारभूत ढांचे के विकास के लिए विशेष प्रावधान किए गए थे.

उन्होंने कहा कि एक्सप्रेस-वे नेटवर्क के विस्तार, विभिन्न विकास परियोजनाओं और जनप्रतिनिधियों की मांगों को पूरा करने के लिए भी बजट में धनराशि रखी गई थी, लेकिन विपक्ष ने राजनीतिक हंगामे के कारण इन महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा नहीं होने दी.

आउटसोर्स कर्मचारियों से लेकर पेंशन तक, कई बड़े फैसलों का किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने पहली बार आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा के लिए आउटसोर्सिंग आयोग के गठन का निर्णय लिया है. इसके माध्यम से कर्मचारियों को न्यूनतम मानदेय और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी. उन्होंने कहा कि इसके लिए भी अनुपूरक बजट में वित्तीय प्रावधान किया गया है.

उन्होंने यह भी बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, आशा वर्करों, रसोइयों, ग्राम चौकीदारों और कोटेदारों के मानदेय एवं प्रोत्साहन राशि बढ़ाने की व्यवस्था की गई है. साथ ही वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन और दिव्यांगजन पेंशन में वृद्धि तथा नए पात्र लाभार्थियों को जोड़ने का प्रावधान भी बजट में शामिल है.

शिक्षामित्र, अनुदेशक और सामाजिक न्याय की योजनाओं का भी जिक्र

प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की पूर्व उपलब्धियों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों का मानदेय 3 हजार रुपये से बढ़ाकर पहले 10 हजार और फिर 18 हजार रुपये किया गया. साथ ही उन्हें पांच लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा भी उपलब्ध कराई गई.

इसी तरह अनुदेशकों का मानदेय 9 हजार रुपये से बढ़ाकर 17 हजार रुपये किया गया. उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय के तहत डॉ. भीमराव आंबेडकर, महर्षि वाल्मीकि, संत रविदास, महात्मा ज्योतिबा फुले, सावित्रीबाई फुले और लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जैसे महापुरुषों से जुड़े स्मारकों, पार्कों और प्रतिमाओं के विकास के लिए 407 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.

सत्र खत्म होने के बाद भी जारी रही सियासी जंग

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी का रवैया युवा, किसान, महिला, गरीब, दलित और पिछड़ा वर्ग विरोधी है. उन्होंने कहा कि विपक्ष ने राजनीतिक लाभ के लिए जनहित के मुद्दों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन सरकार विकास की योजनाओं को किसी भी कीमत पर नहीं रोकेगी.

मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि विधानसभा से अनुपूरक बजट पारित हो चुका है और विधान परिषद से मंजूरी मिलने के बाद सभी योजनाओं को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा. उन्होंने कहा कि जनता के हित सर्वोपरि हैं और सरकार हर वादे को समय पर पूरा करेगी.

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तीन दिन में ऐसा रहा मानसून सत्र

3 अगस्त: दिवंगत सपा विधायक आलम बदी समेत पूर्व विधायकों को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित हुई.
4 अगस्त: सरकार ने 59 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट पेश किया, लेकिन विपक्ष के हंगामे के कारण चर्चा नहीं हो सकी.
5 अगस्त: लगातार तीन बार कार्यवाही स्थगित होने के बाद विधानसभा का मानसून सत्र तय समय से एक दिन पहले ही अनिश्चितकाल के लिए समाप्त कर दिया गया.