उत्तर प्रदेश विधानसभा का चार दिवसीय मानसून सत्र दिवंगत पूर्व विधायक आलम बदी को श्रद्धांजलि और 'वंदे मातरम्' के पूर्ण गायन के साथ शुरू हुआ। शोक प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाने और दो मिनट के मौन के बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
सतीश सिंह, लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के चार दिवसीय मानसून सत्र की शुरुआत सोमवार को एक भावुक और ऐतिहासिक माहौल के बीच हुई। सत्र के पहले दिन आजमगढ़ की निजामाबाद विधानसभा सीट से पांच बार विधायक रहे दिवंगत आलम बदी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वहीं, विधानसभा के इतिहास में पहली बार सदन में ‘वंदे मातरम्’ का पूर्ण गायन भी हुआ, जिसने पहले दिन को विशेष बना दिया।
पूर्व विधायक आलम बदी को श्रद्धांजलि
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आलम बदी के निधन पर शोक प्रस्ताव प्रस्तुत किया। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने उनके सार्वजनिक जीवन का उल्लेख करते हुए बताया कि 16 मार्च 1936 को जन्मे आलम बदी इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे और निजामाबाद से पांच बार विधायक चुने गए। उन्होंने कौमी एकता मंच की स्थापना की थी और सामाजिक सौहार्द व जनसेवा के लिए उन्हें व्यापक सम्मान प्राप्त था।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में आलम बदी के राजनीतिक और सामाजिक योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने लंबे समय तक जनप्रतिनिधि के रूप में जनता की सेवा की। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय सहित विभिन्न दलों के नेताओं ने भी उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके सार्वजनिक जीवन को प्रेरणादायी बताया।
मंगलवार तक के लिए कार्यवाही स्थगित
शोक प्रस्ताव पर चर्चा के बाद सदन में दो मिनट का मौन रखा गया। इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
सत्र की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी दलों से सकारात्मक, सार्थक और स्वस्थ चर्चा की अपील की। उन्होंने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का सबसे प्रभावी मंच है, जहां जनता, किसानों, युवाओं और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा और समाधान निकलता है।
पहले अनुपूरक बजट पर रहेगी नजर
गौरतलब है कि चार दिवसीय मानसून सत्र के दौरान सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश करेगी। इसके अलावा पिछले सत्र के बाद जारी नौ अध्यादेशों के स्थान पर प्रतिस्थानी विधेयक और अन्य महत्वपूर्ण विधेयकों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
पहले दिन श्रद्धांजलि और राष्ट्रभक्ति के भाव के साथ शुरू हुआ यह सत्र अब आगामी दिनों में कई अहम विधायी और वित्तीय प्रस्तावों का साक्षी बनेगा।


