लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया पर जोर देते हुए कहा है कि बिना भेदभाव और आरक्षण नियमों का पालन करते हुए योग्य अभ्यर्थियों का चयन करना चुनौतीपूर्ण कार्य है. लेकिन राज्य के आयोग और बोर्ड इसे सफलतापूर्वक पूरा कर रहे हैं.
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बिना भेदभाव के योग्य अभ्यर्थियों को मिली नौकरी
मुख्यमंत्री ने कहा, “आज के दिनों में पारदर्शी तरीके के साथ नियुक्ति की प्रक्रिया को पूरा करना अपने आप में एक चुनौती है और उसमें भी बिना भेदभाव के आरक्षण के नियमों का पालन करते हुए योग्य अभ्यर्थियों को उनकी मेरिट के अनुसार नियुक्ति पत्र प्राप्त हो जाए, यह एक अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य है. लेकिन हमारे आयोग और बोर्ड इसको सफलतापूर्वक आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं.”
बिना भेदभाव होता है चयन, प्रदेश को मिलता लाभ
उन्होंने आगे कहा, “जब हम योग्य अभ्यर्थियों का चयन बिना भेदभाव के करते हैं तो उसका लाभ पूरे प्रदेश को मिलता है. उनकी प्रतिभा और ऊर्जा का लाभ पूरा प्रदेश लेता हुआ दिखाई देता है. और यही तो पिछले कुछ वर्षों में डबल इंजन की भाजपा सरकार की उपलब्धियों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि भी है.”
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योगी आदित्यनाथ के इस बयान से सरकार की मंशा साफ है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, आरक्षण नियमों का पालन और मेरिट दोनों को साथ लेकर चला जा रहा है. इससे युवाओं में विश्वास बढ़ने और प्रदेश के विकास को गति मिलने का दावा किया जा रहा है.


