अयोध्या. अयोध्या में हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास और कांग्रेस प्रवक्ता कुंवर सिंह निषाद के बीच सोमवार को एक टीवी चैनल की लाइव डिबेट में जमकर विवाद हो गया. मछली भोज को लेकर चल रही बहस के दौरान मामला इतना बढ़ गया कि राजू दास ने कांग्रेस प्रवक्ता को गालियां दे दीं और जूते से मारने की धमकी तक दे दी.

दोनों महिला एंकर इस दौरान हैरान रह गईं और कुछ देर बाद कार्यक्रम को बीच में ही खत्म करना पड़ा. विवाद के बाद कांग्रेस ने राजू दास के बयान को लोकतांत्रिक संवाद और सार्वजनिक जीवन की मर्यादा के खिलाफ बताया है.

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‘चुप’ कहने पर भड़के राजू दास

लाइव डिबेट में कांग्रेस प्रवक्ता कुंवर सिंह निषाद अयोध्या में हुए मछली भोज को लेकर भाजपा और राजू दास पर सवाल उठा रहे थे. उन्होंने कहा कि संविधान में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जो सावन में मछली खाने को अपराध बताता हो. कुंवर सिंह निषाद ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी जैसे मुद्दों पर सवाल नहीं उठाए जाते, लेकिन मछली खाने को मुद्दा बनाया जा रहा है. इसी दौरान राजू दास ने जवाब देने की कोशिश की. कुंवर सिंह ने उन्हें ‘चुप’ कहकर अपनी बात पूरी करने को कहा. इसके बाद बहस अचानक गरमा गई और राजू दास ने कथित तौर पर गाली-गलौज शुरू कर दी.

एंकर ने कहा- भाषा की मर्यादा बनाए रखिए

विवाद बढ़ता देख महिला एंकर ने दोनों को शांत कराने की कोशिश की. उन्होंने राजू दास से कहा कि वह नेशनल चैनल की लाइव डिबेट में बैठे हैं और इस तरह की भाषा का इस्तेमाल शोभा नहीं देता. एंकर ने कहा कि राजनीतिक बहस में बातचीत की मर्यादा बनाए रखनी चाहिए. जब विवाद नहीं थमा तो दोनों पक्षों को धन्यवाद कहते हुए कार्यक्रम को खत्म कर दिया गया.

कांग्रेस ने कहा- भगवा वस्त्र कानून से ऊपर नहीं

कांग्रेस ने घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. यूपी कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन डॉ. सीपी राय ने कहा कि राजनीतिक बहस में तर्क खत्म होने पर गाली-गलौज को हथियार बनाना लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता है. कांग्रेस ने कहा कि किसी की मां को गाली देना, निजी टिप्पणी करना या धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल करना न संतत्व की पहचान है और न लोकतांत्रिक आचरण. पार्टी ने यह भी कहा कि धार्मिक पहचान किसी नागरिक के सार्वजनिक अपमान का अधिकार नहीं देती.

कांग्रेस ने पूरे कार्यक्रम की मूल रिकॉर्डिंग, वीडियो फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच की मांग की है. पार्टी का कहना है कि आरोप सही पाए जाने पर कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए.

मछली भोज से शुरू हुआ पूरा विवाद

दरअसल, रविवार को अयोध्या में कांग्रेस के निषाद समाज सम्मेलन में मछली भोज का आयोजन किया गया था. इसमें यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय भी शामिल हुए थे. इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा था कि हनुमानगढ़ी में दर्शन करने के बाद बाहर जाकर मछली की दावत करना दोहरे आचरण का उदाहरण है.

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सीएम के बयान पर अजय राय ने पलटवार करते हुए कहा कि उन्होंने मछली नहीं खाई थी. उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री के पास उनकी मछली खाते हुए कोई तस्वीर है तो उसे सार्वजनिक करें, वह इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं. अजय राय ने कहा कि वह निषाद समाज के कार्यक्रम में शामिल हुए थे और मछली खाना उस समाज की जीवनशैली का हिस्सा है. उन्होंने भाजपा पर निषाद समाज का अपमान करने का आरोप भी लगाया. अब इसी मछली भोज को लेकर टीवी डिबेट में हुआ विवाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है.