मेरठ में भारत निर्वाचन आयोग और उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने पश्चिमी यूपी के 18 जिलों के अफसरों के साथ बैठक की. इसमें 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों, मतदाता सूची के पुनरीक्षण, सुरक्षा, प्रशिक्षण और मतदाता जागरूकता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई.
मेरठ. उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर सोमवार को मेरठ में भारत निर्वाचन आयोग और राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों की समीक्षा बैठक हुई. ऊर्जा भवन स्थित पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के एमडी कार्यालय परिसर में आयोजित इस बैठक में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के चार मंडलों के 18 जिलों के अधिकारी शामिल हुए. बैठक से मीडिया को दूर रखा गया.
चुनावी तैयारियों की समीक्षा
भारत निर्वाचन आयोग के उप निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग और उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रेनवा सहित वरिष्ठ अधिकारी बैठक में मौजूद रहे. इससे पहले पिछले महीने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की मौजूदगी में मेरठ में प्रस्तावित बैठक होनी थी, लेकिन उसे स्थगित कर दिया गया था.

मनीष गर्ग ने बताया कि बैठक में 18 जिलों के अधिकारियों के साथ आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की जा रही है. निर्वाचन आयोग की ओर से चलाए जा रहे विशेष अभियान, मतदाता जागरूकता कार्यक्रम और अधिकारियों के प्रशिक्षण की भी समीक्षा की गई.
मतदाता सूची पर जोर
उप निर्वाचन आयुक्त के मुताबिक, विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराने पर जोर दिया गया है. इसमें सभी संबंधित पक्षों को शामिल किया जाएगा, ताकि मतदाता सूची तैयार करने में कोई त्रुटि न रहे. विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) सहित मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रियाओं पर भी चर्चा हुई.
उन्होंने बताया कि मतदाता सूची के प्रारूप की एक-एक प्रति राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जाएगी. इसे वेबसाइट पर भी सार्वजनिक किया जाएगा, ताकि आम नागरिक सूची में अपना नाम और अन्य विवरण देख सकें.
यदि किसी व्यक्ति को मतदाता सूची में कोई आपत्ति है, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत शिकायत दर्ज करा सकता है. नाम जुड़वाने, हटवाने या विवरण में सुधार के लिए फॉर्म 6, 7 और 8 भरकर जमा किए जा सकते हैं. इसके बाद बूथ स्तर के अधिकारी (बीएलओ) आवश्यक कार्रवाई करेंगे. चार जनवरी को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी.
सुरक्षा और प्रबंधन की तैयारी
बैठक में चुनाव के दौरान आवश्यक मानव संसाधन, कानून-व्यवस्था, अधिकारियों के प्रशिक्षण और सुरक्षा इंतजामों की भी समीक्षा की गई. संबंधित जिलों के अधिकारी चुनाव की तैयारी, प्रबंधन और प्रशासनिक व्यवस्थाओं से जुड़ी जानकारी आयोग के समक्ष रख रहे हैं.
बैठक में मेरठ, बागपत, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, हापुड़, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, अमरोहा, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, संभल, अलीगढ़, एटा, हाथरस और कासगंज के अधिकारी शामिल हुए.

