सतीश सिंह, लखनऊ. प्रदेश के चीनी उद्योग में गन्ना आपूर्ति की दिशा में पारदर्शिता लाने के लिये गन्ना विकास विभाग ने किसानों के हितों की रक्षा को लेकर नई डिजिटल व्यवस्था शुरू करने की पहल की है. इसके लागू होने से गन्ना ढुलाई की प्रक्रिया सुव्यवस्थित और पारदर्शी होगी.

गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस ने बताया कि इस नई व्यवस्था के तहत गन्ना क्रय केंद्रों से लेकर चीनी मिल गेट तक गन्ने का परिवहन करने वाले सभी वाहनों की जीपीएस ट्रैकिंग की जाएगी. इसके लिए केंद्रीय कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा, जहां से अधिकारी गन्ने से लदे वाहनों की आवाजाही पर 24 घंटे नजर रखेंगे. रियल-टाइम निगरानी से वाहनों के रास्ते में अनावश्यक रुकावट, अनधिकृत ठहराव या किसी भी प्रकार की हेराफेरी पर पूरी तरह लगाम लगेगी. गन्ना आयुक्त ने बताया कि विभाग वाहनों की लाइव ट्रैकिंग के लिए व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम पर विचार कर रहा है.

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24 घण्टे में आपूर्ति होगी सुनिश्चित

उन्होंने कहा कि अक्सर खेत से गन्ने की कटाई के बाद मिल तक पहुंचने में काफी समय लग जाता था, जिससे धूप और हवा के कारण गन्ना सूखने लगता था. अब व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम लागू होने से गन्ने की कटाई के बाद 24 घंटे के भीतर चीनी मिलों तक आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी. समयबद्ध परिवहन से गन्ने की ताजगी और प्राकृतिक वजन बरकरार रहेगा, जिससे किसानों को वजन में होने वाली कटौती और वित्तीय नुकसान से सुरक्षा मिलेगी.