लखनऊ. राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे को लेकर कांग्रेस लगातार भाजपा पर हमलावर है. विवाद के बीच चंपत राय ने दावा किया था कि सारी चीजें पूर्व IAS नृपेंद्र मिश्रा के हिसाब से ही चल रही थी. जिसे लेकर सियासी गलियारों में हलचल और भी तेज हो गई है. जिसकी बड़ी वजह ये भी है कि पूर्व IAS नृपेंद्र मिश्रा पीएम मोदी के पूर्व प्रधान सचिव रह चुके हैं. ऐसे में कांग्रेस ने एक बार भी भाजपा को घेरते हुए सवाल किया है.
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यूपी कांग्रेस ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि राम मंदिर आस्था का केंद्र है, विवादों का नहीं- चढ़ावे से लेकर आरोपों तक हर सवाल का जवाब जरूरी है. राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के सामने आने के बाद अब पूर्व IAS नृपेंद्र मिश्रा और चंपत राय के बीच बढ़ती तनातनी ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
आगे कहा कि अब चंपत राय का 9 पन्नों का पत्र वायरल हुआ, जिसमें मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा की भूमिका को लेकर कई दावे और मनमानी के आरोप लगाए गए. शुक्रवार को जब अयोध्या पहुंचे नृपेंद्र मिश्रा से मीडिया ने इन आरोपों पर सवाल किया, तो उन्होंने पत्र देखे बिना इसे मीडिया की मनगढ़ंत कहानी बताने की बात कही.
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कांग्रेस ने कहा, सवाल सीधा है कि अगर आरोप गलत हैं तो पत्र सामने रखकर तथ्यों के साथ जवाब क्यों नहीं दिया जाता? राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है. इससे जुड़े चढ़ावे, निर्माण व्यवस्था और प्रशासनिक फैसलों में किसी भी तरह का विवाद बेहद गंभीर विषय है. भाजपा सरकार को चाहिए कि आरोप-प्रत्यारोप और मीडिया से नाराज़गी के बजाय पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराए, हर सवाल का जवाब दे और जनता के सामने सच्चाई रखे. भाजपा को चंदा चोरी का हिसाब देना होगा और ये भी बताना होगा कि कब असली गुनहगारों को सज़ा मिलेगी. आस्था के नाम पर राजनीति नहीं, राम मंदिर के मामले में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही चाहिए.

