नगीना. किसान नेता दिग्विजय भाटी और दलित नेता मोहित जाटव ने पुलिस पर बर्बरता का आरोप लगाया है. दोनों नेताओं का दावा कि पुलिस ने बेरहमी से पिटाई की है. साक्ष्य के तौर पर शरीर में चोट के निशान पाए गए हैं. अब ये मामला सियासी तुल पकड़ता नजर आ रहा है. इस मामले को लेकर आजाद समाज पार्टी सुप्रीमो चंद्रशेखर आजाद रावण ने योगी सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि मेरठ में मोहित जाटव और दिग्विजय भाटी के साथ पुलिस हिरासत में हुई बर्बरता कानून-व्यवस्था और पुलिस की जवाबदेही पर गंभीर सवाल करने वाली हैं.
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पीड़ितों का आरोप है कि तत्कालीन SSP अविनाश पांडेय ने दोनों को अपने कार्यालय बुलाकर गालियां दीं और चैंबर बंद कर उनके साथ मारपीट की. इसके बाद SOG के हवाले कर उन्हें पैर बांधकर उल्टा लटकाने और फट्टों-लाठियों से बेरहमी से पीटने का भी आरोप है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, यह पुलिसिंग नहीं, बल्कि वर्दी की ताकत का खुला दुरुपयोग और हिरासत में यातना है. किसी भी अधिकारी को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है.
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आगे चंद्रशेखर आजाद ने कहा, यूपी सरकार तत्काल CCTV फुटेज सुरक्षित कराए, पीड़ितों का स्वतंत्र मेडिकल परीक्षण कराए और आरोपों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करे. दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई हो. वर्दी कानून से बड़ी नहीं है और आम नागरिकों की आवाज को पुलिसिया ताकत के बल पर दबाना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता.

