लखनऊ. अखिलेश यादव ने किसान नेता के साथ पिटाई को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा, किसान का अपमान, देश का अपमान है! भाजपा ने किसान के मुंह पर लात मरवाकर पूरे देश के किसानों को धमकाने का जो कुकृत्य किया है वो अक्षम्य है. उप्र की भाजपा सरकार द्वारा किसान नेताओं पर थाने में थर्ड डिग्री की मार-पीट करके प्रताड़ना देना दर्शाता है कि हार के डर से वो कितनी बौखलाई है. जिन्हें भाजपा किसानों के आगे ढाल बनाकर साथ में खड़ा करना चाहती थी वो ढाल भी निम्नलिखित कारणों से, किसानों के आक्रोश की आग के कारण मोम की ढाल ही साबित हुई है.
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आगे अखिलेश यादव ने कहा कि जो भाजपा सरकार कुछ लोगों के हाथ में खेती-किसानी, भंडारण, विदेशी बीज-खाद-पैदावार का व्यापार-विपणन देने के लिए विदेशियों से डील करती है. एमएसपी के लिए तैयार नहीं होती है. ख़रीद के लिए मुकर जाती है. खाद की अंतहीन लाइन में किसानों को लगाती है. भूमि अधिग्रहण व तीन काले क़ानून लाकर, किसानों का सब कुछ हड़प लेना चाहती है. किसान आंदोलन में 700 से भी अधिक किसानों की शहादत पर चुप रहती है.
उन्होंने ये भी कहा कि किसानों की आत्महत्याओं पर शोक तक प्रकट नहीं करती है. किसानों पर गाड़ी चढ़ाकर मारने वाले अपने लोगों का क्लीन चिट देती है. उस भाजपा सरकार से इससे अधिक उम्मीद क्या की जा सकती है कि वो किसानों के हित के नाम पर उनके तथाकथित हितैषियों से समझौता करके अपनी स्वार्थ सिद्धी में लगी रहकर ‘किसान नेताओं’ को थर्ड डिग्री देगी और कुछ नहीं.
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आगे अखिलेश यादव ने कहा कि देश भर के किसान देख लें कि भाजपा और उसके सहयोगी किस तरह सत्ता सुख में लीन रहकर किसानों पर अत्याचार कर रहे हैं. इस मामले की गहरी जांच हो और हर दोषी के ख़िलाफ सख़्त दंडात्मक कार्रवाई हो और बर्खास्तगी भी. घोर निंदनीय! किसान कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!

